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पटना में रात के अंधेरे में टूटा रिंग बांध, गांव में घुसा पुनपुन का पानी; गुस्साए ग्रामीणों ने JE को बनाया बंधक

Published: Sat, 05 Sep 2026 11:41 AM (IST)

पटना के कुरा नवादा गांव में पुनपुन नदी का रिंग बांध टूटने से गांव में पानी घुस गया। ग्रामीणों ने ...और पढ़ें

पुनपुन का तटबंध टूटने से लोगों के घरों में घुसा पानी और आक्रोशित लोगों को समझातीं पुलिस अधिकारी। जागरण

पुनपुन का तटबंध टूटने से लोगों के घरों में घुसा पानी और आक्रोशित लोगों को समझातीं पुलिस अधिकारी। जागरण

HighLights

  1. पटना के कुरा नवादा में रिंग बांध टूटा।

  2. पुनपुन नदी का पानी गांव में घुस गया।

  3. आक्रोशित ग्रामीणों ने सिंचाई जेई को बंधक बनाया।

संवाद सूत्र, फुलवारी शरीफ। पटना के फुलवारी शरीफ प्रखंड के पुनपुन नदी किनारे बसे कुरा नवादा गांव में रात के अंधेरे में रिंग बांध टूट गया और देखते ही देखते नदी का पानी गांव में घुसने लगा।

घरों और रास्तों पर पानी फैलते ही ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों का आरोप है कि समय रहते बांध की मरम्मत करा दी जाती तो यह नौबत नहीं आती। प्रशासनिक लापरवाही से पूरा गांव बाढ़ की चपेट में आ गया।

जेई को झेलना पड़ा लोगों का आक्रोश

बांध टूटने के बाद मौके पर पहुंचे सिंचाई विभाग के जेई को ग्रामीणों के भारी आक्रोश का सामना करना पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों ने जेई को बंधक बना लिया और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी व हंगामा किया।

ग्रामीणों का कहना था कि कई दिनों से बांध में रिसाव हो रहा था। इसकी शिकायत संबंधित अधिकारियों से लगातार की जा रही थी, लेकिन किसी ने गंभीरता से नहीं लिया। ग्रामीणों की शिकायत पर समय रहते कार्रवाई होती तो बांध टूटने से रोका जा सकता था।

जेई को बंधक बनाए जाने की सूचना मिलते ही रात करीब तीन बजे परसा बाजार थानाध्यक्ष मेनका रानी पुलिस बल के साथ कुरा नवादा पहुंचीं।

पुलिस ने ग्रामीणों को समझाकर शांत कराया और काफी प्रयास के बाद जेई को बंधक से मुक्त कराया। इसके बाद ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि टूटे रिंग बांध की मरम्मत का काम सुबह होते ही शुरू करा दिया जाएगा।

लापरवाही का खामियाजा भुगत रहा गांव

ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि बांध में रिसाव की सूचना समय रहते मिलने के बावजूद विभाग ने स्थायी समाधान नहीं किया।

ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब बांध टूटने के बाद विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंच सकते हैं तो रिसाव की शिकायत मिलने के बाद मरम्मत क्यों नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने बांध की तत्काल मजबूत मरम्मत कराने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

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