पटना में डेंगू ने पकड़ी रफ्तार! सात दिन में 19 नए मरीज, 89 तक पहुंचा आंकड़ा
पटना में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, अगस्त के पहले सात दिनों में 19 नए मरीज मिले, जिससे कुल संख्या 89 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों औ ...और पढ़ें

बारिश और जलजमाव से बढ़ा मच्छरों का खतरा
HighLights
अगस्त के पहले सात दिनों में 19 नए डेंगू मरीज मिले।
पटना में कुल डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 89 हुई।
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों और निगम को सतर्कता के निर्देश।
जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ने लगे हैं। अगस्त के पहले सात दिनों में ही 19 नए मरीज मिलने से स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ गई है। जुलाई में पूरे महीने 26 मरीज मिले थे। वहीं, जनवरी से अब तक जिले में डेंगू संक्रमितों की संख्या बढ़कर 89 हो गई है।
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सिविल सर्जन कार्यालय ने सरकारी अस्पतालों, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और नगर निगम को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों को संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच और समय पर इलाज सुनिश्चित करने को कहा गया है।
जुलाई में 26 मरीज, अगस्त में सात दिन में 19
स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त बेड की व्यवस्था रखने का निर्देश दिया है। वहीं, नगर निगम को जलजमाव वाले क्षेत्रों में फागिंग और लार्वासाइडल छिड़काव अभियान तेज करने को कहा गया है।
सिविल सर्जन कार्यालय ने पिछले वर्षों में सर्वाधिक प्रभावित इलाकों और इस वर्ष मरीज मिलने वाले वार्डों का माइक्रो मैप तैयार करना शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें मरीजों के घरों के आसपास सर्वे भी कर रही हैं।
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लगातार मामले मिले तो घोषित होंगे डेंगू हाटस्पाट
यदि किसी इलाके में लगातार डेंगू के मामले मिलते रहे तो उसे हाटस्पाट घोषित कर विशेष फागिंग और लार्वासाइडल छिड़काव अभियान चलाया जाएगा।
पीएमसीएच, एनएमसीएच, आइजीआइएमएस समेत सभी सरकारी अस्पतालों को डेंगू मरीजों के लिए अलग वार्ड और उपचार की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
ब्लड बैंकों को प्लेटलेट्स की उपलब्धता बनाए रखने और जांच किट का पर्याप्त भंडार रखने का निर्देश दिया गया है। चिकित्सकों को डेंगू प्रोटोकाल के अनुसार उपचार करने को कहा गया है।
बारिश और जलजमाव से बढ़ा मच्छरों का खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार लगातार वर्षा, जगह-जगह जलजमाव, खुदी सड़कें और गड्ढों के कारण मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
हाल में नगर निगम कर्मियों की आठ दिनों की हड़ताल के कारण कई इलाकों में फागिंग और लार्वासाइडल छिड़काव भी प्रभावित हुआ।
डेंगू संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। मच्छरों की संख्या बढ़ने के साथ संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है।
बुखार होने पर तुरंत कराएं जांच
सिविल सर्जन योगेंद्र प्रसाद मंडल ने लोगों से अपील की है कि बुखार होने पर स्वयं दवा लेने के बजाय सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में जांच कराएं। तेज बुखार, शरीर में दर्द या अन्य गंभीर लक्षण होने पर इलाज में देरी नहीं करें।
ये हैं डेंगू के प्रमुख लक्षण
- तेज बुखार
- सिर और आंखों के पीछे तेज दर्द
- मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
- शरीर पर लाल चकत्ते
- मिचली या उल्टी
- अत्यधिक कमजोरी और भूख कम लगना
- गंभीर स्थिति में नाक या मसूड़ों से रक्तस्राव
- घर के आसपास पानी जमा न होने दें
- कूलर, गमले, पुराने टायर और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें। घर और आसपास वर्षा का पानी जमा न होने दें। पूरी बांह के कपड़े पहनें और मच्छररोधी उपाय अपनाएं।
- सुबह और शाम विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि एडीज मच्छर इन समयों में सक्रिय रहता है। थोड़े से जमा पानी में भी मच्छरों का प्रजनन हो सकता है।