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    मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: पटना से फ्लाइट पकड़ने वालों को झटका; दिल्ली-मुंबई समेत कई रूटों पर बढ़ा किराया

    Updated: Sat, 14 Mar 2026 09:34 PM (IST)

    मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे घरेलू विमान सेवाओं पर असर पड़ा है। इंडिगो ने पटना से क ...और पढ़ें

    इंडिगो ने बढ़ाया व‍िमान का क‍िराया। सांकेत‍िक तस्‍वीर

    इंडिगो ने बढ़ाया व‍िमान का क‍िराया। सांकेत‍िक तस्‍वीर

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    जागरण संवाददाता, पटना। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।

    इसका असर अब घरेलू विमान सेवाओं पर भी दिखने लगा है। निजी एयरलाइन इंडिगो ने अपने कई घरेलू रूटों पर किराया बढ़ा दिया है।

    इससे जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पटना से यात्रा करने वाले यात्रियों को अब पहले की तुलना में अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है। 

    8 से 15 प्रत‍िशत तक बढ़ोतरी 

    एयरलाइन सूत्रों के अनुसार, ईंधन लागत बढ़ने के कारण किराए में औसतन 8 से 15 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। पटना से देश के प्रमुख शहरों के लिए टिकट दरों में स्पष्ट बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    पहले जहां पटना से दिल्ली के लिए न्यूनतम किराया लगभग 4500–5000 रुपये के आसपास था, वहीं अब यह बढ़कर करीब 5500–6500 रुपये तक पहुंच गया है।

    इसी तरह पटना से मुंबई के लिए पहले 6500–7000 रुपये तक टिकट मिल जाते थे, लेकिन अब यात्रियों को 7500 से 9000 रुपये तक भुगतान करना पड़ रहा है।

    पटना से कोलकाता का किराया पहले करीब 3500–4000 रुपये था, जो अब 4500 रुपये के आसपास पहुंच गया है। अहमदाबाद के लिए टिकट पहले 6500 रुपये के करीब मिलता था, जबकि अब यह 7500–8500 रुपये तक हो गया है।

    दक्ष‍िण भारत के शहरों के क‍िराये में भी इजाफा 

    दक्षिण भारत के रूट भी इससे अछूते नहीं हैं। पटना से हैदराबाद का किराया पहले 6000–6500 रुपये था, जो अब बढ़कर 7000–8000 रुपये तक हो गया है।

    चेन्नई के लिए पहले 7000–7500 रुपये लगते थे, अब यह करीब 8500 रुपये तक पहुंच रहा है। वहीं पटना से लखनऊ और रांची जैसे नजदीकी शहरों के लिए भी किराए में 500 से 1000 रुपये तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    एयरलाइन अधिकारियों का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन लागत में बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ा है।

    हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई है कि अंतरराष्ट्रीय हालात सामान्य होने पर किराए में फिर से स्थिरता आ सकती है। फिलहाल बढ़े हुए किराए का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है और गर्मी की छुट्टियों से पहले हवाई यात्रा महंगी होती दिख रही है।