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पटना में गंगा घाटों तक जाने वाले रास्ते बंद, बाढ़ के खतरे के बीच नगर निगम अलर्ट

Published: Sat, 05 Sep 2026 09:04 AM (IST)

पटना में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण नगर निगम अलर्ट मोड पर है, नदी से सटे इलाकों की लगातार ...और पढ़ें

बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित। फोटो जागरण

बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित। फोटो जागरण

HighLights

  1. गंगा का जलस्तर बढ़ने से पटना नगर निगम अलर्ट पर।

  2. संवेदनशील घाटों पर आवाजाही रोकी गई, कई घाट डूबे।

  3. पानी के रिसाव रोकने और सफाई के विशेष इंतजाम।

जागरण संवाददाता, पटना। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नगर निगम अलर्ट मोड में है। नदी से सटे इलाकों में जलस्तर और पानी के रिसाव की लगातार निगरानी की जा रही है। रिसाव, जलजमाव और शहर में गंगा का पानी प्रवेश करने से रोकने के लिए संवेदनशील स्थानों पर नालों को बंद कर दिया गया है।

जरूरत पड़ने पर जलनिकासी के लिए पंप सेट भी तैयार रखे जा रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से सभी स्लुइस गेट बंद किए जाने के बाद निगम ने गंगा से जुड़े नालों को भी बंद कराया है।

निगम की टीमें संवेदनशील इलाकों का लगातार जायजा ले रही हैं। मौके की तस्वीर और वीडियो कंट्रोल रूम को भेजे जा रहे हैं, ताकि स्थिति बिगड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।

नागरिकों की सुरक्षा को देखते हुए शुक्रवार को कंगन घाट पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही नियंत्रित की गई। कुछ लोगों ने बैरिकेडिंग तोड़कर घाट की ओर जाने का प्रयास किया।

इसके बाद निगम ने हाइवा लगाकर घाट की ओर जाने वाला रास्ता को बंद कर दिया। सभी प्रमुख घाटों पर माइकिंग कर लोगों से गंगा के तेज बहाव और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों पर नहीं जाने की अपील की जा रही है।

भद्र और महावीर घाट डूबे, आवाजाही पर रोक

जलस्तर बढ़ने से भद्र घाट और महावीर घाट पूरी तरह डूब गए हैं। यहां लोगों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है। कदम घाट, नरकट घाट, राजा घाट, कर्नल घाट और चित्रगुप्त घाट की कुछ सीढ़ियां अभी पानी से बाहर हैं। ऐसे में लोग यहां गंगा का बढ़ा जलस्तर देखने और फोटोग्राफी के लिए पहुंच रहे हैं।

निगम इन घाटों पर भी माइकिंग कर लोगों को सतर्क कर रहा है। मीनार घाट स्थित कम्युनिटी किचेन और बिंद टोली में विस्थापित परिवारों के टेंट के आसपास विशेष सफाई कराई जा रही है।

दोनों जगह एक-एक लू कैफे और पिंक टायलेट की सुविधा दी गई है। सफाई के लिए तीन पालियों में पांच-पांच कर्मियों की तैनाती की गई है। मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए रोज एंटी-लार्वा का छिड़काव कराया जा रहा है।

चूना और ब्लीचिंग पाउडर का भी छिड़काव हो रहा है। नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने कार्यपालक पदाधिकारियों को पंप सेट स्टैंडबाई में रखने का निर्देश दिया है।

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