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    चीनी से तेल और चावल तक महंगे, बिहार में हर महीने 800 रुपये तक बढ़ा रसोई का खर्च

    Updated: Wed, 05 Aug 2026 06:38 PM (IST)

    पटना में चीनी, चावल, खाद्य तेल समेत कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम लोगों की रसोई का मासिक खर्च 800 रुपये तक बढ़ गया है। इससे मध्यम और निम्न आय वर ...और पढ़ें

    चीनी और चावल के दाम में बड़ा उछाल

    चीनी और चावल के दाम में बड़ा उछाल

    जागरण संवाददाता, पटना। राजधानी के किराना बाजार में महंगाई का असर अब आम लोगों की रसोई पर साफ दिखने लगा है। पिछले चार माह के दौरान चीनी, चावल, खाद्य तेल, आटा, दाल और डिटर्जेंट समेत रोजमर्रा की कई जरूरी वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं।

    इसका सीधा असर मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर पड़ रहा है। पहले पांच सदस्य वाले परिवार का राशन खर्च करीब सात हजार रुपये था, जो अब करीब 7,800 रुपये तक पहुंच गया है।

    चीनी और चावल के दाम में बड़ा उछाल

    खुदरा दुकानदार संघ के महासचिव रमेश तलरेजा ने बताया कि बीते चार से पांच माह में लगभग हर चीज के दाम में तेजी आई है।

    चीनी की कीमत 48 से बढ़कर 54 रुपये प्रति किलो हो गई है। सुपरफाइन चावल की कीमत 56 से बढ़कर 72 रुपये तक पहुंच गई है।

    खाद्य तेल की एक गुणवत्ता वाली किस्म पहले 180 रुपये प्रति लीटर थी, जिसकी कीमत अब 220 रुपये हो गई है।

    खाद्य तेल से दाल और गेहूं तक महंगा

    बी गुणवत्ता वाला खाद्य तेल 150 रुपये से बढ़कर 180 रुपये प्रति लीटर हो गया है। अरहर दाल की कीमत 120 रुपये से बढ़कर 130 रुपये किलो तक पहुंच गई है।

    मसूर दाल 90 रुपये किलो पर स्थिर है। वहीं गेहूं की कीमत 34 रुपये से बढ़कर 37 रुपये किलो हो गई है। रोजमर्रा की इन वस्तुओं की कीमत बढ़ने से परिवारों के मासिक खर्च पर सीधा असर पड़ रहा है।

    गैर-जरूरी चीजों की खरीदारी पर लगी रोक

    इंद्रपुरी निवासी चंपा कुमारी और राजीवनगर की कोमल समेत अन्य गृहिणियों का कहना है कि रसोई का मासिक बजट लगातार बढ़ रहा है।

    सबसे अधिक असर उन परिवारों पर पड़ रहा है, जिनकी आय सीमित है। तेल, चावल और चीनी जैसी रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी होने से खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    अब लोग गैर-जरूरी खरीदारी टाल रहे हैं और केवल आवश्यक सामान ही खरीद रहे हैं।

    बच्चों की पसंदीदा चीजों पर भी असर

    गृहिणियों के अनुसार, बढ़ते घरेलू खर्च के कारण बच्चों की कई पसंदीदा चीजों की खरीदारी भी रोकनी पड़ रही है।

    परिवार पहले जरूरी राशन की खरीदारी को प्राथमिकता दे रहे हैं। महंगाई के कारण घरेलू बजट में दूसरी जरूरतों के लिए बचने वाली राशि भी कम हो रही है।

    कारोबारियों की भी बढ़ी चिंता

    बिहार राज्य व्यवसायिक संघ के अध्यक्ष अजय गुप्ता ने कहा कि खाद्य तेल, चावल और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के दाम बढ़ने से आम लोगों की चिंता बढ़ी है।

    यदि थोक बाजार में कीमतों पर नियंत्रण नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में खुदरा बाजार पर इसका और असर पड़ सकता है।

    उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सरकार को प्रभावी कदम उठाने चाहिए, ताकि आम उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।