बोधगया के विदेशी मठों पर पटना हाई कोर्ट सख्त, स्थानीय निकाय को दिए कार्रवाई के निर्देश
पटना हाई कोर्ट ने बोधगया में विदेशी मठों और धर्मशालाओं के कथित व्यावसायिक उपयोग पर कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने स्थानीय निकाय को शेष 67 मठों को नोटिस ...और पढ़ें

बोधगया के विदेशी मठों पर पटना हाई कोर्ट सख्त, स्थानीय निकाय को दिए कार्रवाई के निर्देश (AI Generated Image)
HighLights
पटना हाई कोर्ट ने बोधगया मठों पर कड़ा रुख अपनाया।
स्थानीय निकाय को 67 मठों को नोटिस जारी करने का निर्देश।
संरक्षित क्षेत्र में निर्माण और व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई।
विधि संवाददाता, पटना। बोधगया स्थित विभिन्न देशों द्वारा निर्मित मठों और धर्मशालाओं में यात्रियों को ठहराने तथा उनके कथित व्यावसायिक उपयोग के मामले में पटना हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है।
कोर्ट ने स्थानीय निकाय को शेष 67 मठों और धर्मशालाओं को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुनने तथा कानून के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
बुधवार को कार्यकारी मुख्य न्यायाधीश न्यायाधीश सुधीर सिंह और न्यायाधीश राजेश कुमार वर्मा की खंडपीठ ने बोधगया होटल एसोसिएशन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि संरक्षित पुरातात्विक स्मारकों के 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण अनुमान्य नहीं है। इसके बावजूद संरक्षित क्षेत्र के आसपास विभिन्न देशों द्वारा करीब 81 मठ और धर्मशालाएं निर्मित की गई हैं, जिनका उपयोग यात्रियों के ठहराव और अन्य गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।
स्थानीय निकाय की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच में पांच निर्माण नियमों के अनुरूप पाए गए हैं, जबकि 15 निर्माणकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जा चुका है।
इस पर खंडपीठ ने निर्देश दिया कि शेष 67 मठों और धर्मशालाओं को भी नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना जाए और उसके बाद विधि के अनुरूप कार्रवाई की जाए।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि 100 मीटर के प्रतिबंधित क्षेत्र के बाहर किए गए निर्माण यदि भवन उपविधियों (बिल्डिंग बायलॉज) का उल्लंघन करते हैं तो उनके विरुद्ध संबंधित कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
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