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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'ऐसा क्या है, जो पुलिस को वांटेड अपराधी को गिरफ्तार करने से रोक रहा', पटना हाईकोर्ट ने सिवान SP से किया जवाब तलब

    Updated: Thu, 08 Feb 2024 08:04 PM (GMT+05:30)

    Bihar News बिहार में अपराध के मामलों को लेकर पटना हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपना लिया है। इस क्रम में कोर्ट ने सिवान जिले के एक जमीन हड़पने के केस में स्थ ...और पढ़ें

    'क्या है, जो पुलिस को वांटेड अपराधी को गिरफ्तार करने से रोक रहा', हाईकोर्ट ने सिवान SP से मांगा जवाब
    'क्या है, जो पुलिस को वांटेड अपराधी को गिरफ्तार करने से रोक रहा', हाईकोर्ट ने सिवान SP से मांगा जवाब

    HighLights

    1. पटना हाई कोर्ट ने सिवान के एसपी से पूछा सवाल
    2. जमीन हड़पने व फिरौती मांगने से लेकर जान से मारने की धमकी देने तक का मामला

    राज्य ब्यूरो, पटना। पटना हाई कोर्ट ने सिवान जिले में जबरन जमीन हड़पने, 50 लाख फिरौती मांगने एवं जमीन मालिक को जान से मारने की धमकी देने के बावजूद पुलिस के ढीला-ढाला रवैया अपनाने के मामले पर संज्ञान लिया है। कोर्ट ने मामले में सिवान के एसपी से जवाब तलब किया है।

    न्यायाधीश संदीप कुमार की एकलपीठ ने विकास कुमार मिश्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता को धमकी देने वाले लोग यदि वांटेड अपराधी हैं, तो ऐसा क्या है जो पुलिस को उन्हें गिरफ्तार करने से रोक रहा है?

    आरोपियों को जारी किया नोटिस

    कोर्ट ने आरोपितों को नोटिस जारी करते हुए याचिकाकर्ता को सुरक्षा देने का भी निर्देश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।

    जमीन हड़पने वाले कथित भू-माफिया एवं आपराधिक छवि वाले लोगों के विरुद्ध पुलिस सुरक्षा मुहैया कराने हेतु विकास ने याचिका दायर की है।

    क्या है याचिकाकर्ता का पक्ष?

    याचिकाकर्ता के अधिवक्ता चंद्रकांत ने बताया कि याचिकाकर्ता के पूर्वजों ने सिवान शहर के निराला नगर की खतियानी रैय्यत से सवा सात कट्ठा जमीन 1926 में खरीदी थी।

    वे उस जमीन पर काबिज रहते हुए बिहार सरकार को मालगुजारी लगान देते आ रहे हैं। जमीन पर याचिकाकर्ता और उनके पूर्वजों का निर्विवाद कब्जा 95 वर्षों से है।

    दो वर्ष पहले आपराधिक छवि वाले लोगों ने जालसाजी कर याचिकाकर्ता की जमीन में से 16 धुर जमीन किसी तीसरे व्यक्ति को बेच दी, जिसके कारण विकास को उक्त भूखंड पर टाइटल का मुकदमा करना पड़ा।

    मुकदमे को वापस लेने का दबाव

    हालांकि, आपराधिक छवि वाले लोग फिरौती देने और टाइटल मुकदमे को वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। बार-बार शिकायत के बावजूद भी सिवान पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी है।

    उन्होंने बताया कि धमकी देने वाले लोगों पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। आरोप यह कि पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है।

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