Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 26, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    COVID-19 Bihar: पटना के अस्पतालों में कोविशील्ड-कार्बेवैक्स की कमी, गिने-चुने जगहों पर लग रहे प्रिकाशनरी डोज

    By Jagran NewsEdited By: Aditi Choudhary
    Updated: Mon, 26 Dec 2022 09:05 AM (IST)

    भारत में कोरोना के नए वैरिएंट की आहट के बीच अस्पतालों में लोग बड़ी संख्या में प्रिकाशनरी डोज लेने पहुंच रहे हैं लेकिन उन्हें मायूस लौटना पड़ रहा है। क ...और पढ़ें

    Bihar Coronavirus Update: कोवि-शील्ड-कार्बेवैक्स की कमी से जूझ रहे राजधानी के अस्पताल
    Bihar Coronavirus Update: कोवि-शील्ड-कार्बेवैक्स की कमी से जूझ रहे राजधानी के अस्पताल

    पटना, जागरण संवाददाता। कोरोना के ओमिक्रोन बीएफ-7 वैरियंट के चीन, दक्षिण कोरिया, जापान, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे देशों में कहर ढाते देख देश व प्रदेश के लोग सतर्क हो गए हैं। यही कारण है कि राजधानी पटना में जहां प्रिकाशनरी डोज नहीं लेने के कारण वैक्सीन एक्सपायर हो रही थी, अब उसी के लिए आमजन को अस्पतालों से मायूस लौटना पड़ रहा है। न्यू गार्डिनर समेत कुछ अस्पतालों को छोड़ दें तो अधिकतर जगह को-वैक्सीन तो उपलब्ध है लेकिन कोवि-शील्ड और कार्बेवैक्स वैक्सीन कहीं नहीं है।

    सिविल सर्जन डा. केके राय ने बताया कि विभाग को इस बाबत जानकारी दे दी गई है। कोविशील्ड और कार्बेवैक्स वैक्सीन आते ही सभी अस्पतालों को मुहैया करा दी जाएगी। शुरुआती दौर में अधिकतर लोगों ने कोवि-शील्ड वैक्सीन ली थी। दो डोज के बाद जब कोरोना संक्रमण के मामले नियंत्रित हो गए तो अधिकतर लोगों ने आग्रह के बावजूद प्रिकाशनरी डोज नहीं ली थी।

    छोटे-बड़े अधिकतर अस्पतालों में को-वैक्सीन उपलब्ध 

    जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. एसपी विनायक ने बताया कि जिले में अभी को-वैक्सीन की करीब डेढ़ लाख डोज उपलब्ध हैं। कुछ अस्पतालों को छोड़ दें तो गर्दनीबाग, जयप्रभा समेत सभी छोटे-बड़े अस्तपालों में जाकर लोग प्रिकाशनरी डोज ले सकते हैं। कोवि-शील्ड व कार्बेवैक्स खत्म है, जल्द ही आने की उम्मीद है। आते ही अस्पतालों को मुहैया कराने की पूरी तैयारी है।

    डरने की नहीं, सावधान रहने की जरूरत

    सिविल सर्जन डा. केके राय ने बताया कि ओमिक्रोन के जिस बीएफ-7 वैरियंट की चर्चा है, देश में अभी उसके बहुत कम मामले सामने आए हैं।

    नए वैरियंट के ये हैं लक्षण 

    • ओमिक्रोन बीएफ-7 वैरियंट फेफड़े के बजाय गले में ऊपरी श्वसन तंत्र को प्रभावित करता है।
    • इससे गले में दर्द, खराश, छींक, नाक बहना, बंद नाक इसके सामान्य लक्षण हैं। 
    • बलगम के साथ या सूखी खांसी, सिरदर्द, बोलने में परेशानी और मांसपेशियों में दर्द भी इसके लक्षण हो सकते हैंl
    • कुछ संक्रमितों को उल्टी-दस्त के अलावा कंपकंपी के साथ बुखार, गंध नहीं आना, सांस लेने में दिक्कत व थकान की शिकायत हो सकती है।
    • ठंड के मौसम में ये सामान्य फ्लू के भी लक्षण होते हैं लेकिन कोरोना को देखते हुए लापरवाही के बजाय तुरंत डाक्टरों से परामर्श लेना चाहिए।

    कोरोना से निपटने के लिए कल कराई जाएगी माक ड्रिल

    प्रदेश में अबतक तेजी से फैलने वाले ओमिक्रोन के बीएफ-7 वैरियंट का भले ही एक भी मामला नहीं मिला है पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर मेडिकल कालेजों, आइजीआइएमएस तक में इलाज के लिए जरूरी संसाधनों की उपलब्धता परखने के लिए चेक लिस्ट के साथ माक ड्रिल की जाएगी। स्टेट सर्विलांस अफसर डा. रणजीत कुमार समेत स्वास्थ्य विभाग की टीम रविवार देररात तक इसकी तैयारियों में लगी थी। यदि किसी स्तर पर कोई कमी पाई गई तो उसे समय रहते दूर कर लिया जाएगा।

    खबरें और भी