पटना से शुरू होगा देशव्यापी मतदाता साक्षरता अभियान, 16-17 अगस्त को मुख्य चुनाव आयुक्त करेंगे लॉन्च
चुनाव आयोग 16 और 17 अगस्त को पटना से देशव्यापी मतदाता साक्षरता अभियान 'इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0' शुरू करेगा। इसका उद्देश्य युवाओं को चुनावी प्रक्रिय ...और पढ़ें

जेनरेशन-Z पर रहेगा विशेष फोकस(फोटो सोशल मीडिया)
HighLights
पटना से शुरू होगा देशव्यापी मतदाता साक्षरता अभियान।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार करेंगे उद्घाटन।
युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ने का लक्ष्य।
राज्य ब्यूरो, पटना। चुनाव आयोग 16 और 17 अगस्त को पटना के ज्ञान भवन से देशव्यापी मतदाता साक्षरता अभियान (इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब 2.0) की शुरुआत करेगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस दो दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन करेंगे।
अभियान का उद्देश्य युवाओं, खासकर पहली बार मतदान करने वाली पीढ़ी को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना है।
जेनरेशन-Z पर रहेगा विशेष फोकस
चुनाव आयोग का लक्ष्य केवल युवाओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ना नहीं, बल्कि उन्हें मतदान के महत्व, ईवीएम-वीवीपैट, मतदाता अधिकार और चुनावी प्रक्रिया की पूरी जानकारी देना है। इससे लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जाएगी।
500 संस्थानों के 5,000 से अधिक छात्र होंगे शामिल
बिहार के 500 से अधिक स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों से जुड़े 5,000 से अधिक विद्यार्थी इस अभियान का हिस्सा बनेंगे। आयोग इन्हें निर्वाचन साक्षरता और लोकतांत्रिक मूल्यों से जोड़ने के लिए विशेष प्रशिक्षण देगा।
स्कूल-कॉलेजों में बनेंगे इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब
ईएलसी 2.0 के तहत शैक्षणिक संस्थानों में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब बनाए जाएंगे। ये क्लब पूरे वर्ष वाद-विवाद, क्विज, मॉक चुनाव, जागरूकता अभियान और अन्य गतिविधियों के माध्यम से छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से जोड़ेंगे।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी निगरानी
ईसीआईनेट प्लेटफॉर्म के जरिए क्लबों का ऑनलाइन पंजीकरण होगा। प्रत्येक क्लब को एक विशिष्ट पहचान संख्या दी जाएगी, जिससे गतिविधियों की मॉनिटरिंग, प्रमाणपत्र और पुरस्कार जैसी प्रक्रियाएं डिजिटल तरीके से संचालित की जाएंगी।
फेक न्यूज और गलत नैरेटिव से लड़ने की तैयारी
इस पहल का उद्देश्य युवाओं को तथ्यपरक जानकारी देना और उन्हें फर्जी सूचनाओं व गलत नैरेटिव की पहचान करने में सक्षम बनाना है।
आयोग का मानना है कि इससे जागरूक, जिम्मेदार और लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने वाले मतदाता तैयार होंगे।