LPG Crisis: पटना में एलपीजी सिलिंडर डिलीवरी में डीएसी कोड बना बाधा, उपभोक्ता परेशान
पटना में एलपीजी गैस उपभोक्ताओं को डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) न मिलने से सिलेंडर डिलीवरी में परेशानी हो रही है। अखंड ज्योति गैस एजेंसी में सैकड़ों ...और पढ़ें

पटना में एलपीजी सिलिंडर डिलीवरी में डीएसी कोड बना बाधा, उपभोक्ता परेशान (ANI)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, पटना। घरेलू एलपीजी गैस की अधिक मांग व कम आपूर्ति के बीच अचानक नियमों में बदलावों से आमजन परेशान हैं। मंगलवार को पाटलिपुत्र कालोनी स्थित अखंड ज्योति गैस एजेंसी में ऐसे ही सैकड़ों उपभोक्ता पहुंचे थे। उनका कहना था कि नए नंबरों से इंडेन गैस की बुकिंग तो सामान्य हो गई है, लेकिन सिलिंडर डिलीवरी के लिए जरूरी डीएसी (डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड) नहीं मिल रहा है।
इसी प्रकार कई उपभोक्ता ने डिलिवर्ड का मैसेज आने या आपका कोटा फुल होने की शिकायत की। अखंड ज्योति गैस एजेंसी के प्रबंधक ने बताया कि ऑनलाइन बुकिंग कराने पर रिफिल ऑर्डर बुक हो रहा है, लेकिन डीएसी नंबर का मैसेज तब जाएगा जब डिलीवरी के लिए रिलीज ऑर्डर जारी किया जाएगा।
अभी 9 मार्च को बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को सिलिंडर भेजा जा रहा है और बुधवार को जिन्हें सिलिंडर भेजा जाएगा उनका कैशमेमो काटा जा रहा है।
यदि सिलिंडर की आपूर्ति नियमित रही है तो सात से 10 दिन में घर पर सिलिंडर पहुंच जाएगा। उपभोक्ताओं ने बताया कि उन्होंने एलपीजी हेल्पलाइन नंबर पर गैस बुक होने पर डीएसी नंबर का मैसेज नहीं आने की शिकायत की थी।
उन्होंने ही एजेंसी जाकर डीएसी नंबर लेने को भेजा है। इस पर उन्हें बताया गया कि होली के पूर्व तक बुकिंग के अगले दिन डीएसी नंबर वाला मैसेज भेज दिया जाता था, क्योंकि दो दिन में सिलिंडर पहुंच जाता था।
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ट्रांसफर व नए कनेक्शन वालों की आफत
एजेंसी ने मौजूदा स्थिति को देखते हुए पुराने उपभोक्ताओं को समय पर गैस सिलिंडर उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी है। इसी कारण ट्रांसफर व नए गैस कनेक्शन पर 10 अप्रैल तक रोक लगाने का निर्णय लिया है। प्रबंधक ने बताया कि पुराने उपभोक्ताओं की आपूर्ति सुचारू करने के बाद ही नए कनेक्शन दिए जाएंगे। ट्रांसफर वाले भी हमारी एजेंसी के लिए नए उपभोक्ता ही हैं।
डीएसी नंबर कालाबाजारी रोकने का उपाय :
एडीएम आपूर्ति आरके दिवाकर ने बताया कि रिफिल ऑर्डर व डीएसी यानी डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड में अंतर है। उपभोक्ता के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर जो डीएसी कोड आता है वह यह सुनिश्चित करता है कि सिलिंडर की डिलीवरी वेंडर सही उपभोक्ता को ही कर रहा है।
गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने, फर्जी डिलीवरी या कालाबाजारी रोकना इसका उद्देश्य है। आपका रिफिल ऑर्डर रजिस्टर्ड हुआ कि नहीं इसे पोर्टल या दोबारा बुकिंग प्रक्रिया कर स्पष्ट हो सकते हैं।
गैस बुक कराई पर मैसेज नहीं आया :
अखंड ज्योति गैस एजेंसी के उपभोक्ता पाटलिपुत्र कालोनी निवासी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि इंडेन कंपनी ने बुकिंग के जो नए नंबर जारी किए हैं, उससे गैस तो बुक हो जा रही है लेकिन मोबाइल पर मैसेज नहीं आया। पहले हमेशा मैसेज आता था।
इसकी पुष्टि करने आए थे, बताया गया कि गैस बुक हो गई है और दस दिन बाद सिलिंडर डिलिवर हो जाएगा। इन्होंने कहा कि यह संकट पूरे देश पर है और वे इससे निपटने में देश के साथ हैं। घर में लकड़ी व उपले रख लिए हैं।
इतनी भीड़ थी कि जमा कर ली किताब :
राजीव नगर निवासी अंचला सिंह ने बताया कि होली पर गैस ज्यादा खर्च हो गई थी, इसलिए सात दिन पहले बुकिंग कराने आए थे। उस समय 25 दिन पूरे नहीं होने के कारण वापस कर दिया गया था। दोबारा आए तो सर्वर डाउन होने व अधिक भीड़ की बात कह किताब जमा कर ली गई थी।
सोमवार को बंदी थी आज बुकिंग हुई है अब सात से 10 दिन में सिलिंडर मिलने की बात है। ऐसे में इंडक्शन चूल्हा खरीदने पर विचार कर रही हैं।
हर दिन नए नियम व मैसेज से भ्रम :
पाटलिपुत्र कालोनी निवासी सह अखंड ज्योति गैस के उपभोक्ता संजय कुमार ने बताया कि पहले ऑनलाइन बुकिंग में समस्या थी। अब बुकिंग हुई तो आपका कोटा फुल का मैसेज आ रहा है, जो जीवन में पहली बार हुआ है। जब 25 दिन बाद गैस बुकिंग हो रही है तो सिलिंडर डिलीवरी में इतना समय क्यों लगा रहे हैं।
वहीं, जब कमर्शियल सिलिंडर की दिक्कत है लेकिन होटल, रेस्तरां व बैंक्वेट हाल में पार्टियां कैसे हो रही हैं। साइकिल-रिक्शा वाले लोग ही ज्यादा परेशान हो रहे हैं।