पटना में रेल डिपो निर्माण से 50 फीट चौड़ी सड़क बंद, होई कोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब
पटना मेट्रो डिपो निर्माण के चलते 50 फीट चौड़ी सड़क बंद होने का मामला हाईकोर्ट पहुंचा है, जिससे रानीपुर और पहाड़ी के करीब 25 हजार निवासियों की आवाजाही ...और पढ़ें

पटना हाईकोर्ट। जागरण
HighLights
पटना मेट्रो डिपो निर्माण से 50 फीट चौड़ी सड़क बंद।
रानीपुर-पहाड़ी के 25 हजार लोग प्रभावित, आवाजाही बाधित।
हाईकोर्ट ने सरकार और मेट्रो कॉर्पोरेशन से जवाब मांगा।
विधि संवाददाता, पटना। पटना मेट्रो रेल डिपो के निर्माण के कारण पूर्वी पटना के रानीपुर और पहाड़ी इलाके को जोड़ने वाली 50 फीट चौड़ी एक महत्वपूर्ण सड़क को बंद किए जाने का मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। इस सड़क के बंद होने से करीब 25 हजार स्थानीय निवासियों की आवाजाही प्रभावित होने का दावा किया गया है।
मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पटना मेट्रो रेल कारपोरेशन को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश मीनाक्षी मदन राय एवं न्यायाधीश सोनी श्रीवास्तव की खंडपीठ ने मंगलवार को इस मामले से जुड़ी लोकहित याचिका पर सुनवाई की।
न्यायालय ने प्रतिवादियों को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए मामले की अगली सुनवाई निर्धारित कर दी। याचिकाकर्ता सतीश कुमार की ओर से अदालत को बताया गया कि करीब 75 एकड़ में विकसित किए जा रहे पटना मेट्रो रेल डिपो के कारण रानीपुर और पहाड़ी को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह अवरुद्ध कर दी गई है।
आवाजाही के लिए प्रमुख रोड
यह सड़क एनएच-30 (बख्तियारपुर-पटना मार्ग), कंकड़बाग- पटना-गया रोड तथा आइएसबीटी और मेट्रो स्टेशन को जोड़ने वाले स्टेट हाइवे-1 के बीच महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग का काम करती थी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता सुमीत कुमार सिंह ने दलील दी कि सड़क बंद करने से पहले प्रशासन और मेट्रो प्राधिकरण ने कोई वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध नहीं कराया।
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उन्होंने कहा कि ‘छप्पन का डगर’ नामक सहायक सड़क, जिसकी चौड़ाई कई स्थानों पर 100 से 150 फीट तक है, को भी अवरुद्ध कर दिया गया है। इससे रानीपुर और पहाड़ी क्षेत्र के 250 से अधिक परिवारों सहित लगभग 25 हजार लोगों के आवागमन और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
याचिका में यह भी कहा गया है कि बस स्टैंड और मेट्रो स्टेशन परियोजना के कारण क्षेत्र में यातायात का भारी दबाव उत्पन्न हो गया है। अब एनएच-30 से स्टेट हाइवे-1 तक पहुंचने के लिए केवल एक मार्ग ही शेष रह गया है, जिससे प्रतिदिन हजारों यात्रियों को जाम और आवागमन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है।