बिहार में ड्रग्स सिंडिकेट पर पुलिस का शिकंजा: मोबाइल से खुलेंगी नशे के नेटवर्क की परतें, सिपाही की तलाश तेज
पटना पुलिस आलमगंज और खेमनीचक से भारी मात्रा में स्मैक व कच्चा माल बरामद कर ड्रग्स सिंडिकेट को ध्वस्त करने में जुटी है। दो तस्करों की गिरफ्तारी हुई है, ...और पढ़ें

बिहार में नशे का खेल होगा उजागर। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, पटना। आलमगंज और खेमनीचक से भारी मात्रा में स्मैक और उसे तैयार करने के लिए मंगाए गए कच्चे माल की बरामदगी के बाद पुलिस अब गिरोह के सिंडिकेट को ध्वस्त करने में जुट गई है।
जिन दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, वे सिर्फ चेन का हिस्सा हो सकते हैं। मास्टरमाइंड और अकाउंट हैंडलर्स तक पहुंचाने के लिए पटना पुलिस उस पीटीसी (प्रोमोशनल ट्रेनिंग कोर्स) सिपाही की तलाश तेज कर दी है, जिसकी ड्रग्स तस्कर गिरोह के साथ संलिप्तता की बात सामने आ रही है।
आशंका है कि वह डेढ़ साल से ड्रग्स तस्करों के संपर्क में था। उसकी गिरफ्तारी से गिरोह से जुड़े कई और लोगों के नाम उजागर हो सकते हैं। स्मैक बरामदगी के साथ ही पुलिस के हाथ दर्जन भर मोबाइल लगे हैं, जिसमें मिले संदिग्ध नंबरों का डिटेल निकाल ड्रग्स तस्करों के नेटवर्क की परतें खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की एक विशेष टीम तस्करों के पीछे पड़ी है, जो बड़ी मछली तक पहुंचने और जल्द ही बड़ी खेप के साथ ही नकद बरामदगी की जा सकती है।
बरामद चेक और अन्य कागजात से पुलिस यह भी पता कर रही है कि उत्तर प्रदेश के वाराणसी से इस गिरोह तक स्मैक तैयार करने के लिए कच्चा माल सप्लाई कौन किया था?
पकड़े जाने के डर से बदले रास्ते, खुद कर रहे तैयार
पटना पुलिस, नारकोटिक्स और आर्थिक अपराध इकाई की विशेष टीम मादक पदार्थ तस्करों की लगातार गिरफ्तारी और बरामदगी कर रही है। पुलिस ड्रग्स तस्करों के उस रूट की पहचान कर नजर रख रही है।
इसके बाद ड्रग्स तस्करों ने मादक पदार्थ को छोटे पैकेट में रखकर ट्रेन से आउटर या छोटे स्टेशन को रूट बना रहे थे, लेकिन बड़ी खेप नहीं पहुंच पा रही थी।
सूत्रों की मानें तो तस्कर उत्तर प्रदेश होते हुए ड्रग्स को पटना तक पहुंचाने के लिए चेन बना रहे हैं। अब बड़ी खेप की जगह कच्चा माल मंगाकर उसे पटना में ही तैयार कर छोटे-छोटे पैकेट के जरिए सप्लायर तक पहुंचा रहे हैं, जो बाद में पुड़िया बनकर तय ठिकाने तक पहुंच रही है।
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बरामद कागजात और डायरी में कई अहम सुराग
पटना पुलिस ने शुक्रवार की देर रात आलमगंज और खेमनीचक से तैयार स्मैक के साथ 21.18 किलोग्राम का कच्चा माल बरामद किया था। इंजेक्शन, दर्जन भर मोबाइल, हथियार के साथ ही पासबुक, चेक, डायरी के साथ ही कई कागजात मिले थे।
इससे स्पष्ट था कि खेमनीचक स्थित उस कमरे में कई और लोग मौजूद रहे होंगे, जो आलमगंज में छापेमारी के बाद पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गए। बरामद पासबुक, चेक और कागजात की जांच की जा रही है।
पासबुक के जरिए पुलिस ने उन खातों के स्टेटमेंट निकालने के लिए बैंक से संपर्क किया है। उस कमरे को किराये पर किसने और कब लिया था? कमरे में कितने लोग रहते थे? जानकारी जुटाने के साथ ही पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा जा रहा है।
बड़ी खेप खपाने की चल रही थी तैयारी
इसके पूर्व पटना पुलिस खगौल से भारी मात्रा में स्मैक और हेरोइन की खेप को जब्त किया था। फिर आलमगंज और खेमनीचक से बरामदगी इस बात की तरफ इशारा कर रही है कि ड्रग्स तस्कर बड़ी खेप को पटना के अलग-अलग इलाकों में खपाने की फिराक में थे। शुरू में कुछ इलाकों में नशे की पुड़िया पहुंचाने वाले तस्कर ग्रामीण क्षेत्रों में नेटवर्क फैला चुके हैं।
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