पटना पुलिस में बड़ा फेरबदल: 31 अफसरों का तबादला, 24 घंटे में जॉइनिंग का आदेश
पटना पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल हुआ है, जिसमें एसएसपी ने 31 पुलिस अधिकारियों का तबादला किया है। यह बदलाव कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और ती ...और पढ़ें

तीन साल पूरे करने वाले अधिकारियों पर चली तबादले की कैंची
HighLights
पटना पुलिस में 31 अधिकारियों का बड़ा तबादला।
तीन साल पूरे करने वाले अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी।
दागी अफसरों को अहम पद नहीं, शराबबंदी पर सख्ती।
डिजिटल डेस्क, पटना। पटना पुलिस महकमे में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने जिले के 31 पुलिस पदाधिकारियों का तबादला करते हुए नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
इस कार्रवाई में कई थानाध्यक्षों और अंचल पुलिस निरीक्षकों (सर्किल इंस्पेक्टर) के कार्यक्षेत्र बदल दिए गए हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
तीन साल पूरे करने वाले अधिकारियों पर चली तबादले की कैंची
पुलिस मुख्यालय की नीति के अनुसार एक ही स्थान पर तीन वर्ष की निर्धारित अवधि पूरी कर चुके अधिकारियों को नई जगह पदस्थापित किया गया है।
प्रशासनिक जरूरतों और कार्यकुशलता को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। पुलिस अधिकारियों को नए पदस्थापन स्थल पर जल्द योगदान देने का निर्देश दिया गया है।
कई अहम थानों में नए थानाध्यक्षों की तैनाती
तबादला सूची में राजधानी के कई महत्वपूर्ण थानों के नाम शामिल हैं। बुद्धा कॉलोनी, रामकृष्णनगर, शाहपुर, पुनपुन और बख्तियारपुर समेत कई क्षेत्रों में नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
पुलिस विभाग का मानना है कि नए पदस्थापन से कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।
दागी अधिकारियों की पोस्टिंग पर SSP का सख्त संदेश
तबादला आदेश के साथ पुलिस मुख्यालय के दिशा-निर्देशों को भी दोहराया गया है। साफ कहा गया है कि आपराधिक मामलों में आरोपित, दोषसिद्ध या गंभीर विभागीय जांच का सामना कर रहे अधिकारियों को थानाध्यक्ष या सर्किल इंस्पेक्टर जैसे अहम पद नहीं दिए जाएंगे।
महिलाओं के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और अभिरक्षा में हिंसा जैसे मामलों में घिरे अधिकारियों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
शराबबंदी कानून पर जीरो टॉलरेंस की नीति
आदेश में शराबबंदी कानून के उल्लंघन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया गया है। यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता शराब निर्माण, बिक्री या तस्करी में पाई जाती है तो उसे भविष्य में थाना या ओपी प्रभारी नहीं बनाया जाएगा।
ऐसे मामलों में कार्रवाई का दायरा 10 वर्षों तक प्रभावी रहने की बात कही गई है, जिससे पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश दिया गया है।
24 घंटे में जॉइनिंग नहीं तो हो सकती है कार्रवाई
SSP कार्यालय ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देने का निर्देश दिया है।
साथ ही पुराने पदस्थापन स्थल का प्रभार, दस्तावेज, चालान और अन्य सरकारी सामग्री निर्धारित समय सीमा के भीतर हस्तांतरित करने का आदेश दिया गया है।
कानून-व्यवस्था मजबूत करने की कवायद
पुलिस महकमे में हुआ यह व्यापक फेरबदल केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजधानी की कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
आगामी महीनों में पुलिसिंग व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और जवाबदेही बढ़ाने के लिए ऐसे कदमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
