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    स्टूडेंट ज्यादा, ट्रेनें कम: पाटलिपुत्र स्टेशन में छात्रों का बवाल, चश्मदीद ने बताया कैसे भड़की हिंसा

    Updated: Sun, 14 Jun 2026 08:17 AM (IST)

    पटना के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर परीक्षा देने आए छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया, जिसके बाद पुलिस को आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्रों का विरोध प्रदर्शन हिंसक हुआ।

    2. कम ट्रेनों के कारण छात्रों ने तोड़फोड़, पत्थरबाजी की।

    3. पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी, हवाई फायरिंग, लाठीचार्ज किया।

    डिजिटल डेस्क, पटना। पटना में परीक्षा देने आए अभ्यर्थियों का पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन रविवार को हिंसक हो गया। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने ट्रेन में तोड़-फोड़ की और पत्थरबाजी की, जिसके बाद हालात तनावपूर्ण हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, चेतावनी के तौर पर हवाई फायरिंग की और लाठीचार्ज भी किया।

    घटना के बाद स्टेशन और आसपास के इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। वहीं हालात का जायजा लेने वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्टेशन परिसर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती है।

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    दरअसल, बिहार पुलिस प्रोहिबिशन कॉन्स्टेबल परीक्षा में शामिल होने के लिए हजारों छात्र पाटलिपुत्र स्टेशन में ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन ट्रेनें देर से चल रही थीं, जिससे छात्र भड़क उठे'।

    गुस्साए छात्रों ने ट्रैक पर उतरकर आवाजाही को ठप कर दिया और मांग की उन्हें परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाने के लिए तुरंत स्पेशल ट्रेनों का इंतजाम किया जाए। इस विरोध-प्रदर्शन के कारण रेल सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई और कई ट्रेनें देर रात तक घंटों फंसी रहीं। जब प्रशासन की टीम उन्हें मनाने के लिए आई तो छात्रों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। 

    Patna Violence

    चश्मदीद ने बताया कैसे भड़की हिंसा

    ट्रैक के किनारे दुकान चलाने वाले संजय कुमार शर्मा ने बताया कि बड़ी संख्या में छात्र परीक्षा देने के लिए पहुंचे थे, लेकिन उपलब्ध ट्रेनों की संख्या कम होने से वे नाराज थे। उनके अनुसार, छात्रों ने शुरुआत में ट्रेनों को रोक दिया और उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया। जब प्रशासन रास्ता साफ कराने पहुंचा तो भीड़ हटने को तैयार नहीं हुई, जिसके बाद स्थिति बिगड़ती चली गई।

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    शर्मा ने कहा कि हिंसा की चपेट में उनकी दुकान भी आ गई। उन्होंने बताया कि दुकान में तोड़-फोड़ की गई और बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। उन्होंने यह भी बताया कि किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई।

    संजय कुमार के मुताबिक, प्रदर्शन में शामिल छात्र काफी गुस्से में थे और उनकी संख्या हजारों में थी। उनका कहना था कि छात्र परीक्षा देने आए थे, लेकिन पर्याप्त ट्रेन व्यवस्था नहीं होने से उनका आक्रोश भड़क गया।

    पुलिस ने किया बल प्रयोग

    वहीं, डीएम डॉ. त्यागराजन ने बताया कि आधी रात के करीब हमें खबर मिली कि कुछ लोग हंगामा कर रहे हैं। इस दौरान उनसे बार-बार गुजारिश की कि वे हंगामा न करें और उन परीक्षार्थियों का सहयोग करें जो परीक्षा देना चाहते हैं।

    लेकिन कुछ असामाजिक तत्वों ने बार-बार इमरजेंसी चेन खींची और तरह-तरह की मांगें रखीं, जैसे कि स्पेशल ट्रेनों की मांग, जबकि पहले से ही दो स्पेशल ट्रेनें मौजूद थीं। उन्होंने उन छात्रों को भी रोका जो जाना चाहते थे।

    इन वजहों से हमें हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। अब स्थिति पूरी तरह सामान्य है और ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं। परीक्षा देने वालों के लिए तय ट्रेनें पहले ही निकल चुकी हैं। ट्रेनों का परिचालन भी सामान्य रूप से चल रहा है।

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