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    पटना कोर्ट में टेंडर माफिया रिशुश्री की रिमांड मंजूर, SVU से मांगी IAS संजीव हंस की केस डायरी

    By Ramakant KumarEdited By: vyas Chandra
    Updated: Tue, 16 Jun 2026 02:17 PM (GMT+05:30)

    निगरानी कोर्ट ने टेंडर माफिया रिशुश्री को पांच दिनों की पुलिस रिमांड पर देने का आदेश दिया है। वहीं आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हु ...और पढ़ें

    टेंडर माफिया रिशुश्री और आईएएस अ‍ध‍िकारी संजीव हंस। फाइल

    टेंडर माफिया रिशुश्री और आईएएस अ‍ध‍िकारी संजीव हंस। फाइल

    HighLights

    1. टेंडर माफिया रिशुश्री को पांच दिनों की पुलिस रिमांड मिली।

    2. आईएएस संजीव हंस की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई।

    3. कोर्ट ने एसवीयू से केस डायरी की मांग की।

    जागरण संवाददाता, पटना। टेंडर माफिया रिशुश्री को पटना पुलिस रिमांड पर लेगी। निगरानी की अदालत ने मंगलवार को इस आशय का आदेश जेल अधीक्षक को दिया।  

    कोर्ट ने पांच दिनों के लिए रिमांड पर सौंपने का आदेश दिया है। वहीं वरि‍ष्‍ठ आईएएस अधिकारी संजीव हंस की अग्र‍िम जमानत याचिका पर भी कोर्ट में सुनवाई हुई।

    अदालत ने बोर्ड आफ रेवेन्यू के अपर सदस्य संजीव हंस के मामले में एसवीयू से केस डायरी की मांग की है। इसकी अगली सुनवाई 24 जून को होगी।   

    संजीव हंस ने अभ‍ियुक्‍त बनाए जाने पर जताई थी आपत्‍त‍ि 

    बता दें कि सरकारी टेंडरों में भ्रष्टाचार करने के मामले में आरोपित बनाए गए आइएएस अधिकारी संजीव हंस ने सोमवार को कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी।

    इसी मामले में जेल में बंद भवन निर्माण विभाग के पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास ने भी कोर्ट में याचिका दाखिल कर जमानत मांगी। दोनों अधिकारियों ने सोमवार को निगरानी के विशेष न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की।

    कोर्ट ने सोमवार को सुरक्ष‍ित रख लिया था फैसला 

    टेंडर हेरफेर करने के मुख्य आरोपित रिशुश्री को रिमांड पर लेने को लेकर सोमवार को भी फैसला नहीं हो सका था। इस मामले की जांच कर रही विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने रिशुश्री की सात दिनों की रिमांड कोर्ट से मांगी थी।

    सोमवार को निगरानी के विशेष न्यायाधीश की अदालत में रिमांड पर सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया। इस मामले में मंगलवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया। 

    फिलहाल इस मामले में रिशुश्री एवं उसके करीबी सहयोगी संतोष कुमार के साथ  पूर्व मुख्य अभियंता तारिणी दास, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव मुमुक्षु कुमार चौधरी और कार्यपालक अभियंता उमेश कुमार सिंह बेउर जेल में बंद हैं। 

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