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    पटना के दलदली बाजार में हल्दी की जांच, कई नमूनों में मानक से अधिक लेड मिलने का दावा; चमकीली हल्दी से सावधानी की सलाह

    Updated: Mon, 03 Aug 2026 06:59 PM (IST)

    पटना के दलदली बाजार में हल्दी में लेड मिलावट की जांच हुई, जहां कई नमूनों में मानक से अधिक लेड पाया गया। स्वास्थ्य विभाग ने दुकानदारों को विश्वसनीय हल् ...और पढ़ें

    चमकीली हल्दी में अधिक लेड का दावा

    चमकीली हल्दी में अधिक लेड का दावा

    HighLights

    1. पटना के दलदली बाजार में हल्दी में लेड की जांच हुई।

    2. कई नमूनों में लेड की मात्रा मानक से अधिक पाई गई।

    3. चमकीली हल्दी से बचें, विश्वसनीय स्रोतों से ही खरीदें।

    जागरण संवाददाता, पटना। हल्दी में लेड (सीसा) की मिलावट की आशंका को लेकर स्वास्थ्य विभाग के खाद्य संरक्षा प्रकोष्ठ के सहयोग से पटना के दलदली बाजार में जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान पोर्टेबल एक्स-रे फ्लोरेसेंस (पीएक्सआरएफ) मशीन से हल्दी के नमूनों की जांच की गई।

    आयोजकों के अनुसार, जांच में कई नमूनों में लेड की मात्रा निर्धारित मानक से अधिक पाई गई। हालांकि, इन नतीजों की आधिकारिक पुष्टि के लिए प्रयोगशाला जांच जरूरी होगी।

    दुकानदारों को मिलावट के प्रति किया जागरूक

    अभियान का आयोजन प्योर अर्थ इंडिया और उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड की ओर से फूड सेफ्टी हेल्थ चेक के तहत किया गया।

    इस दौरान खाद्य पदार्थ विक्रेताओं और व्यापारियों को हल्दी में लेड की मिलावट से होने वाले संभावित स्वास्थ्य नुकसान की जानकारी दी गई।

    दुकानदारों को विश्वसनीय स्रोतों से हल्दी खरीदने और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप उत्पाद बेचने की सलाह दी गई।

    चमकीली हल्दी में अधिक लेड का दावा

    खाद्य संरक्षा विभाग के अभिहित पदाधिकारी मुकेश जी कश्यप ने बताया कि जांच के दौरान अत्यधिक चमकदार दिखाई देने वाली हल्दी की गांठों में अपेक्षाकृत अधिक लेड पाया गया।

    वहीं, कम चमकदार और प्राकृतिक दिखने वाले नमूनों में इसकी मात्रा तुलनात्मक रूप से कम बताई गई। हालांकि, केवल रंग या चमक के आधार पर हल्दी में लेड की मौजूदगी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

    मानक से अधिक लेड स्वास्थ्य के लिए जोखिम

    अभियान में बताया गया कि हल्दी में लेड की अधिकतम स्वीकार्य सीमा 10 माइक्रोग्राम प्रति ग्राम बताई गई है।

    इससे अधिक लेड का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर बच्चों में लेड के अधिक संपर्क से स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जोखिम हो सकते हैं।

    इसलिए खाद्य पदार्थ खरीदते समय उपभोक्ताओं को विश्वसनीय दुकानों और प्रमाणित स्रोतों को प्राथमिकता देने की सलाह दी गई।

    मानक उल्लंघन पर कार्रवाई की चेतावनी

    खाद्य संरक्षा विभाग ने व्यापारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने की हिदायत दी। पदाधिकारी ने बताया कि मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

    अभियान में विभाग के अभिहित पदाधिकारी मुकेश जी कश्यप समेत प्योर अर्थ इंडिया और उद्यम मंत्र भारत लिमिटेड के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

    जांच के बाद ही तस्वीर होगी साफ

    अभियान के दौरान किए गए पीएक्सआरएफ परीक्षण को प्रारंभिक जांच के रूप में देखा जा रहा है। नमूनों में वास्तव में मानक से अधिक लेड है या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि प्रयोगशाला जांच के बाद ही होगी।

    अभियान के अंत में दुकानदारों ने सुरक्षित और मानक अनुरूप खाद्य पदार्थों की बिक्री सुनिश्चित करने में सहयोग का भरोसा दिया।

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