पटना में कचरे से बनेगी बिजली, स्ट्रीट लाइटिंग होगी स्मार्ट; नगर निगम में 3043 करोड़ का बजट पास
Patna Municipal Corporation, 2028 तक रामाचक बैरिया में 15 मेगावाट का वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित करेगा। यह 513 करोड़ की परियोजना 1600 टन कचरे का वै ...और पढ़ें
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पटना नगर निगम के विकास कार्यों को लगी मुहर। ग्राफिक्स एआई जनरेटेड

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जागरण संवाददाता, पटना। नगर निगम शहर में कचरा प्रबंधन को आधुनिक और प्रभावी बनाने की दिशा में एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली विकसित कर रहा है।
इसी कड़ी में रामाचक बैरिया में 15 मेगावाट क्षमता का वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट स्थापित किया जाएगा, जिसे वर्ष 2028 के अंत तक चालू करने का लक्ष्य है।
करीब 513 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होने वाली इस परियोजना में 100 टन प्रतिदिन क्षमता का बायो-सीएनजी प्लांट, 700 टन प्रतिदिन की कंपोस्टिंग यूनिट तथा मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी शामिल होंगी।
12 शहरी निकायों के कचरे का होगा प्रबंधन
इस व्यवस्था के माध्यम से पटना नगर निगम और आसपास के 12 शहरी निकायों दानापुर, खगौल, फुलवारीशरीफ, सम्पतचक, फतुहा, बख्तियारपुर, मसौढ़ी, बिहटा, मनेर, नौबतपुर, खुसरूपुर और पुनपुन से निकलने वाले करीब 1,600 टन प्रतिदिन कचरे का वैज्ञानिक ढंग से प्रबंधन किया जाएगा।
वेस्ट-टू-एनर्जी समेत कुल 23 परियोजनाओं को महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में शनिवार को आयोजित निगम परिषद की पांचवीं विशेष बैठक (बजट 2026-27) में प्रस्तावित किया गया।
हंगामे के बीच वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग 3,043.22 करोड़ के बजट को हरी झंडी दी गई, जो चालू वित्तीय वर्ष की तुलना में 189.22 करोड़ रुपये अधिक है।
चालू वित्तीय वर्ष का बजट 2854 करोड़ है। आय और व्यय के आकलन के आधार पर बताया गया कि प्रस्तुत बजट 456.63 करोड़ रुपये फायदे का है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल आय 3499.85 करोड़ होने का दावा किया गया है।
बैठक में उपमहापौर रेशमी कुमारी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा, सशक्त स्थायी समिति के सभी सदस्य, वार्ड पार्षद और निगम के पदाधिकारी व कर्मी उपस्थित रहे।
सभी 6 अंचलों में आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन
प्रस्तावित योजनाओं के अनुसार, 31 नए वेंडिंग जोन विकसित पर 200 करोड़ रुपये से अधिक खर्च का अनुमान है, जिसे वर्ष 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके लिए 200 करोड़ रुपये का म्युनिसिपल बांड जारी किया जाएगा।
पटना जंक्शन के समीप स्थित न्यू मार्केट का पुनर्विकास कर उसे आधुनिक बहु-स्तरीय (जी 3) शॉपिंग काम्प्लेक्स के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है।
जू के सामने पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए विदेशों जैसी स्मार्ट सिग्नल लाइट लगाई जा रही है। बटन दबाते ही सिग्नल लाल होगा और वाहन रुकेंगे। यह व्यवस्था हर 20 मिनट पर चलेगी। यह पायलट प्रोजेक्ट है, सफल होने पर अन्य व्यस्त इलाकों में भी लागू किया जाएगा।
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खुले में कचरा डंपिंग की व्यवस्था समाप्त करने को करीब 53 करोड़ रुपये की लागत से छह अंचलों अजीमाबाद, बांकीपुर, कंकड़बाग, न्यू कैपिटल, पाटलिपुत्र और पटना सिटी में आधुनिक कचरा ट्रांसफर स्टेशन विकसित किया जा रहा है, जिससे प्रतिदिन 150 से 500 टन तक कचरे का निपटान हो सकेगा।
82 हजार लाइटें IOT तकनीक से अपग्रेड होंगी
नगर निगम शहर में सेंसरयुक्त स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग लागू कर रहा है। करीब 82 हजार लाइटें आइओटी तकनीक से अपग्रेड होंगी, जो स्वतः शाम को जलेंगी और सुबह बंद होंगी।
केंद्रीकृत कंट्रोल से निगरानी व त्वरित मरम्मत संभव होगी, ऊर्जा दक्षता भी बढ़ेगी। राजस्व बढ़ाने के लिए पटना नगर निगम विज्ञापन विनियम 2026 का प्रारूप तैयार किया गया है।
पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड के माध्यम से शहर में हरित क्षेत्र और स्वच्छता को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत ग्रीन स्पेस का विकास, कचरा प्रबंधन का आधुनिकीकरण और वेडिंग जोन स्थापित किए जा रहे हैं।
शहर के 26 पार्कों में पांच करोड़ की लागत से ओपन जिम स्थापित किए जा रहे हैं। शहर के सुंदरीकरण और शहरी विकास के लिए कई पहलें हो रही हैं, जिनमें प्रमुख प्रवेश द्वारों का निर्माण, पार्कों और सार्वजनिक स्थलों का विकास तथा शहर के दृश्य स्वरूप में सुधार शामिल हैं।
पैदल यात्री अनुकूल ट्रैफिक सिस्टम, वेडिंग जोन प्रबंधन, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन में सुधार और नागरिक सुविधाओं को अधिक व्यवस्थित बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्षा जल संचयन के नई योजना की शुरुआत होगी।
फ्रीहोल्ड संपत्ति में बदलने की मिलेगी सुविधा
खाजेकलां और गुलबी घाट स्थित विद्युत शवदाह गृहों का आधुनिकीकरण और रामचक बैरिया में पशु विद्युत शवदाह गृह की मरम्मत और सुधार कार्य भी किया जाएगा। पिंक शौचालय अभियान को विस्तार दिया जाएगा।
शहर के विभिन्न पार्कों, सामुदायिक भवनों और सार्वजनिक स्थानों के नवीनीकरण की भी योजना है। वर्षा के दौरान होने वाले जलजमाव की समस्या को दूर करने के लिए शहरी बाढ़ प्रबंधन योजना तैयार की जाएगी।
लैंडस्केपिंग, 24-48 घंटे के अंदर ई-जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र, स्वर्ग रथ, नि:शुल्क ई-लाईब्रेरी, शहर के सभी प्रवेश प्वाइंट पर प्रवेश द्वार का निर्माण की भी योजना है।
पीआरडीए की लीजहोल्ड संपत्तियों को फ्रीहोल्ड संपत्ति में बदलने की सुविधा दी जाएगी। शहर के छह धोबी घाटों का आधुनिकीकरण होगा।
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