'पवन सिंह का राज्यसभा जाना लगभग तय', सिंगर गुंजन सिंह का बड़ा दावा; बिहार में सियासी हलचल तेज
भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह ने एक्टर-सिंगर पवन सिंह के बिहार पॉलिटिक्स में आने और राज्यसभा जाने की खबर की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि उनका राज्यसभा में ...और पढ़ें
-1772424044929_m.webp)
भोजपुरी स्टार पवन सिंह और गुंजन सिंह। फाइल फोटो

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, पटना। एक्टर-सिंगर और BJP लीडर पवन सिंह के बिहार पॉलिटिक्स में आने की खबरों पर भोजपुरी सिंगर गुंजन सिंह ने मुहर लगाई है। उन्होंने कहा कि उनका राज्यसभा में जाना लगभग तय है, लेकिन जब तक सब कुछ कन्फर्म नहीं हो जाता और ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी नहीं हो जाता, तब तक कुछ भी कहना ठीक नहीं है।
बता दें कि बिहार में खाली हुई 5 राज्यसभा सीटों के लिए सभी दलों ने सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है। इस बीच भोजपुरी के पावर स्टार पवन सिंह ने 26 फरवरी को बीजेपी ऑफिस में जाकर नितिन नवीन से मुलाकात की थी। इसके बाद से ही उनके राज्यसभा सीट की चर्चा तेज हो गई है।
पक्ष-विपक्ष के लिए प्रतिष्ठा का सवाल
बिहार में राज्यसभा चुनाव सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के लिए यह प्रतिष्ठा का सवाल बन चुका है। मौजूदा संख्या-बल को देखें तो भाजपा-जदयू की दो-दो सीटों पर जीत तय है। जदयू ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे दो से अधिक सीटों की चाहत नहीं है। ऐसे में पांचवीं सीट स्वाभाविक रूप से भाजपा के पास होगी।
अगर भाजपा पांचवी सीट के लिए भाजपा भोजपुरी स्टार पवन सिंह के नाम पर विचार करती है तो इसका राजनीतिक असर भी होगा। खासकर उपेंद्र कुशवाहा की भूमिका और भविष्य पर सवाल खड़े होंगे।
पांचवीं सीट के लिए छोटे दलों की भूमिका
बहरहाल, चार सीटों पर भले औपचारिकता हो, लेकिन असली कहानी पांचवीं सीट पर लिखी जाएगी। यदि एनडीए पांचवां प्रत्याशी उतारता है तो उसे अतिरिक्त समर्थन जुटाना होगा। यहीं पर छोटे दलों और निर्दलीय विधायकों की भूमिका बढ़ जाएगी।
खबरें और भी
दोनों पक्षों को अपने विधायकों को एकजुट रखने के साथ क्रास-वोटिंग के खतरों से भी निपटना होगा, क्योंकि महागठबंधन ने भी इस सीट को हल्के में नहीं लिया है। राजद ने कांग्रेस और वामदलों से विमर्श के बाद पांचवीं सीट पर दावा ठोक दिया है।
हालांकि उसके पास 35 विधायक हैं। जीत के लिए छह अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में एआईएमआईएम और बसपा का समर्थन निर्णायक हो सकता है। एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक हैं। इनका साथ मिलता है तो संघर्ष कड़ा होगा।