पटना PMCH में मरीजों को बड़ी राहत, एम्स से 25 प्रतिशत कम दर पर मिलेंगे CT स्कैन और MRI
पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में अब एम्स पटना से 25% कम दर पर सीटी स्कैन और एमआरआई जांच उपलब्ध होगी। ...और पढ़ें

पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल। (जागरण)
HighLights
सीटी स्कैन, एमआरआई एम्स से 25% कम दर पर।
तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया तेज करने का निर्देश।
अमृत फार्मेसी नए ओपीडी भवन के पास स्थापित होगी।
जागरण संवाददाता, पटना। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में मरीजों को जल्द ही एम्स पटना की तुलना में करीब 25 प्रतिशत कम दर पर सीटी स्कैन और एमआरआई जांच की सुविधा मिलेगी।
शनिवार को प्रमंडलीय आयुक्त मयंक वरवड़े की अध्यक्षता में हुई रोगी कल्याण समिति (आरकेएस) की बैठक में जांच सेवाओं को शीघ्र शुरू करने पर सहमति बनी।
इसके लिए आवश्यक तकनीकी कर्मियों की नियुक्ति की प्रक्रिया तेज करने और खरीदी गई मशीनों को जल्द शुरू करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में प्रमंडलीय आयुक्त ने कहा कि सहज, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि अस्पताल में उपलब्ध सभी चिकित्सा उपकरणों और जांच मशीनों का लाभ मरीजों को समय पर मिलना चाहिए। यदि तकनीशियनों की कमी है तो उनकी बहाली के लिए स्वास्थ्य विभाग से तत्काल अनुरोध किया जाए। इसमें तय हुआ कि एम्स के दर पर तकनीशियनों को रखने की जिम्मेवारी बीएमएससीआईएल को दिया।
छह माह में 2.73 लाख से अधिक मरीज पहुंचे ओपीडी
पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बैठक में बताया कि 26 जनवरी से 31 जुलाई 2026 के बीच ओपीडी में 2.73 लाख से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। इनमें से 1,07,874 मरीजों को भर्ती कर उपचार किया गया। उन्होंने अस्पताल में बढ़ते मरीजों के दबाव के बावजूद सेवाओं को बेहतर बनाने के प्रयासों की जानकारी दी।
नए ओपीडी के पास बनेगी अमृत फार्मेसी
बैठक में यह मुद्दा भी उठा कि ओपीडी नए भवन में स्थानांतरित होने के बाद अमृत फार्मेसी काफी दूर हो गई है, इससे मरीजों को परेशानी हो रही है।
इस पर प्रमंडलीय आयुक्त ने कार्यकारी एजेंसी एलएंडटी को एक सप्ताह के भीतर नए भवन के समीप अमृत फार्मेसी स्थापित करने का निर्देश दिया। साथ ही निर्माणाधीन भवनों का कार्य शीघ्र पूरा कर अस्पताल प्रशासन को सौंपने को कहा।
जेपी गंगा पथ से बनेगा नया प्रवेश-निकास द्वार
दूरदराज से आने वाले मरीजों की सुविधा को देखते हुए जेपी गंगा पथ की ओर से प्रवेश और निकास द्वार विकसित करने का निर्णय लिया गया।
प्रमंडलीय आयुक्त ने बीएमएसआइसीएल को चिह्नित स्थल पर जल्द चेक पोस्ट बनाने तथा अस्पताल के मुख्य प्रवेश और निकास मार्ग को हर समय अतिक्रमणमुक्त रखने का निर्देश दिया।
दवा, एंबुलेंस और सफाई व्यवस्था पर जोर
रोगी कल्याण समिति की बैठक में दवाओं की उपलब्धता, एंबुलेंस सेवा, इमरजेंसी, आपरेशन थिएटर, पैथोलाजी, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन, एमआरआइ और साफ-सफाई सहित विभिन्न सेवाओं की समीक्षा की गई।
आयुक्त ने कहा कि आवश्यक दवाओं की आपूर्ति में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आना चाहिए और मरीजों को सभी सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं।
इसके अलावा पीएमसीएच में कार्यरत गृह रक्षा वाहिनी के सभी जवानों की उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली से दर्ज कराने का भी निर्देश दिया गया।
अस्पताल के आपातकालीन विभागों के लिए तैयार मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त शुभम कुमार, आयुक्त के सचिव विनय कुमार, पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह, सिविल सर्जन डॉ. वाइपी मंडल, बीएमएसआइसीएल के महाप्रबंधक, क्षेत्रीय अपर निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं तथा रोगी कल्याण समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।