PMVBRY से बिहार में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर, 3.25 करोड़ से अधिक मजदूर ई-श्रम पर रजिस्टर
बिहार सरकार कुशल-अकुशल श्रमिकों के पलायन को रोकने और गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार सृजित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ...और पढ़ें

प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर।
HighLights
बिहार में श्रमिकों के पलायन रोकने को सरकार प्रयासरत।
पीएमवीबीआरवाई से 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजन लक्ष्य।
ई-श्रम पोर्टल पर 3.25 करोड़ से अधिक श्रमिक पंजीकृत।
राज्य ब्यूरो, जागरण, पटना। बिहार से कुशल एवं अकुशल श्रमिकों के पलायन, उसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव तथा राज्य में गैर-कृषि क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए सरकार निरंतर पहल कर रही है।
गुरुवार को राज्यसभा में सांसद डॉ. भीम सिंह के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी सदन को श्रम एवं रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने दी। उन्होंने सदन को बताया कि श्रमिकों का एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवासन एक सतत प्रक्रिया है।
दो अगस्त 2026 तक बिहार के 3.25 करोड़ से अधिक असंगठित श्रमिक, जिनमें प्रवासी श्रमिक भी सम्मिलित हैं, ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं।
ई-श्रम के वन-स्टाप साल्यूशन के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। अब तक 15 केंद्रीय योजनाओं को इस पोर्टल के साथ एकीकृत किया जा चुका है।
रोजगार के बढ़ेंगे अवसर
कौशल भारत मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, राष्ट्रीय करियर सेवा (एनसीएस), फ्यूचरस्किल्स प्राइम, उद्यम पंजीकरण, तथा प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) जैसी पहल युवाओं को कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ रही हैं।
उन्होंने कहा कि 99,446 करोड़ के परिव्यय वाली पीएमवीबीआरवाई योजना के माध्यम से दो वर्षों में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार सृजित करने का लक्ष्य रखा गया है। पहल से बिहार सहित पूरे देश में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे और कृषि पर निर्भरता कम होगी।