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    राबड़ी आवास पर बयान देते हुए ये क्या बोल गए PK, कहा- बिहार की जनता सवाल करेगी

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 08:30 PM (GMT+05:30)

    बिहार सरकार ने राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस दिया है। इस पर प्रशांत किशोर ने राबड़ी देवी का समर्थन करते हुए मुख्यमंत्री आवास के विस्त ...और पढ़ें

    प्रशांत किशोर और राबड़ी देवी।

    प्रशांत किशोर और राबड़ी देवी।

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    डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार सरकार ने एक बार फिर राबड़ी देवी को सरकारी बंगला खाली करने का नोटिस जारी किया है। वहीं, सरकार के मुखिया सम्राट चौधरी ने भी साफ कर दिया है इस मामले में अब पुनर्विचार नहीं किया जाएगा।

    राबड़ी देवी के बंगले को लेकर छिड़े विवाद पर एक तरफ राजद आक्रामक है तो वहीं जन सुराज के नेता प्रशांत किशोर भी इस मामले में राबड़ी देवी के पक्ष में बयान देते नजर आ रहे हैं।

    प्रशांत किशोर ने कहा कि राबड़ी देवी बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष (नेता विरोधी दल) हैं और उस संवैधानिक आधार पर ही उन्हें वह घर मिला हुआ है।

    उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से जो जानकारी मिल रही है, उसके अनुसार सरकार कह रही है कि वह इस घर को छोड़कर दूसरे घर में चली जाएं। यह सही है या गलत, यह मामला पूरी तरह से राबड़ी देवी और सरकार के बीच का है।

    मुख्यमंत्री आवास के विस्तार पर सवाल:

    प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री के आवास (एक अणे मार्ग) के विस्तार को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए।

    उन्होंने कहा कि पिछले 25-30 साल से बिहार के मुख्यमंत्री का आवास है 'एक अणे मार्ग', जो पहले से ही 8 एकड़ में फैला हुआ एक बहुत बड़ा बंगला है। पहली बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उसके बगल में देशरत्न मार्ग का जो बंगला है, जो डिप्टी सीएम (उपमुख्यमंत्री) का हुआ करता था, उसे भी मुख्यमंत्री आवास में मिला दिया गया।

    अमीर और गरीब राज्यों की तुलना:

    उन्होंने देश के सबसे अमीर राज्य महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के आवास की तुलना बिहार से करते हुए कहा, मैं मीडिया के माध्यम से बिहार की जनता को बताना चाह रहा हूं कि देश के सबसे धनी राज्यों में से एक महाराष्ट्र है, जहां मुख्यमंत्री का बंगला महज 10-15 कट्ठे में बना है। दूसरी तरफ, देश का सबसे गरीब राज्य बिहार है, जहां के मुख्यमंत्री को 8 एकड़ का बंगला भी कम लग रहा है, इसलिए उन्होंने उसमें 5-6 एकड़ का एक और बंगला मिला लिया है।

    सरकार को शुचिता पर नसीहत:

    प्रशांत किशोर ने सरकार और मुख्यमंत्री से जवाब मांगते हुए कहा कि दूसरों को बंगले से हटाने या खाली कराने से पहले सरकार को खुद जवाब देना चाहिए कि किस परिस्थिति में देशरत्न मार्ग वाले बंगले को मुख्यमंत्री आवास में मिलाया गया।

    उन्होंने कहा, "अगर आप दूसरों से शुचिता (ईमानदारी/नियमों) की बात कर रहे हैं, दूसरों से कह रहे हैं कि आप इतने बड़े बंगले में मत रहिए, और खुद अपने बंगले को देश के प्रधानमंत्री के बंगले से भी बड़ा बना रहे हैं, तो बिहार की जनता आपसे यह सवाल जरूर करेगी।"

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