'कुत्ता-बिल्ली' से शुरू हुई बात, CM की कुर्सी तक पहुंचा निशाना; बांकीपुर में PK ने खेला बड़ा सियासी दांव
प्रशांत किशोर ने बांकीपुर उपचुनाव में मतदाताओं से जाति-धर्म से ऊपर उठकर वोट करने की अपील की, और इस चुनाव को मुख्यमंत्री बदलने के सवाल से जोड़ा। ...और पढ़ें
HighLights
जाति-धर्म से ऊपर उठकर मतदान की अपील।
उपचुनाव को मुख्यमंत्री बदलने से जोड़ा।
'कुत्ता-बिल्ली' बयान से सियासी हलचल।
जागरण संवाददाता, पटना। बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मतदान से ठीक तीन दिन पहले जन सुराज के सूत्रधार और प्रत्याशी प्रशांत किशोर ने चुनावी मुकाबले को नया राजनीतिक रंग दे दिया है। सोमवार को पांच वार्डों में मोहल्ला मीटिंग और एक जगह चाय बैठक में पहुंचे प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से जाति, धर्म और दल से ऊपर उठकर वोट करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि बांकीपुर का उपचुनाव सिर्फ विधायक चुनने के लिए नहीं है, बल्कि यह राजनीतिक अहंकार को जवाब देने का चुनाव है।
प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से अपील की कि इस बार ऐसा वोट करें कि कोई भी प्रत्याशी की तुलना ‘कुत्ता-बिल्ली’ से करने की हिम्मत न कर सके। उनके इस बयान ने चुनाव प्रचार के अंतिम दौर में सियासी हलचल बढ़ा दी है।
‘कुत्ता-बिल्ली’ वाले बयान को बनाया सियासी हथियार
प्रशांत किशोर ने वार्ड-15, 16, 28, 30 और 38 में मोहल्ला मीटिंग के दौरान मतदाताओं को संबोधित किया।
इसके अलावा एक जगह चाय बैठक में भी उन्होंने लोगों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने से मतदाताओं ने तमाम नेताओं के भाषण और चुनावी चर्चाएं सुनी हैं।
अब मतदान में सिर्फ तीन दिन बाकी हैं। ऐसे में उन्होंने मतदाताओं से कहा कि अब फैसला करने का समय आ गया है।
उनका कहना था कि बांकीपुर के मतदाता राज्य के सबसे प्रबुद्ध लोगों में शामिल हैं और उन्हें सोच-समझकर अपना वोट देना चाहिए।
PK ने बदल दिया चुनाव का नैरेटिव
प्रशांत किशोर ने अपने भाषण में बांकीपुर उपचुनाव को स्थानीय चुनाव से कहीं बड़ा बताते हुए कहा कि यह सिर्फ विधायक चुनने की लड़ाई नहीं है।
उन्होंने इसे मुख्यमंत्री बदलने के सवाल से जोड़ते हुए मतदाताओं से जन सुराज के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि अगर सम्राट चौधरी से मुक्ति पानी है तो 30 जुलाई को स्कूल का बस्ता चुनाव चिह्न पर बटन दबाना होगा।
इस बयान के जरिए प्रशांत किशोर ने बांकीपुर के चुनाव को सीधे राज्य की सत्ता और मुख्यमंत्री के नेतृत्व से जोड़ने की कोशिश की।
जाति-धर्म से ऊपर उठकर वोट देने की अपील
प्रशांत किशोर ने मतदाताओं से जाति, धर्म, नेता और राजनीतिक दल से ऊपर उठकर जन सुराज को वोट देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बांकीपुर का यह उपचुनाव बदलाव का प्रतीक बन सकता है।
उनका कहना था कि अगर मतदाता इस बार अलग फैसला लेते हैं तो इसका संदेश सिर्फ बांकीपुर तक सीमित नहीं रहेगा।
जन सुराज इस चुनाव के जरिए बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है।
सम्राट चौधरी पर सीधा हमला, ‘बेहतर मुख्यमंत्री’ का दिया नारा
प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी सीधे निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह चुनाव सम्राट चौधरी को हटाकर किसी बेहतर व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाने का चुनाव है।
इस बयान के साथ उन्होंने उपचुनाव को मुख्यमंत्री के नेतृत्व के खिलाफ जनमत संग्रह के तौर पर पेश करने की कोशिश की।
प्रशांत किशोर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब बांकीपुर में चुनाव प्रचार अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
ऐसे में उनके बयान से साफ है कि जन सुराज अब स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राज्य की सत्ता और राजनीतिक नेतृत्व को भी चुनावी बहस के केंद्र में लाना चाहता है।
अब ‘कुत्ता-बिल्ली’ से लेकर मुख्यमंत्री तक
बांकीपुर में मतदान से पहले प्रशांत किशोर के बयान ने चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
एक तरफ उन्होंने ‘कुत्ता-बिल्ली’ वाली टिप्पणी के जरिए राजनीतिक अहंकार पर हमला किया, तो दूसरी तरफ सम्राट चौधरी को हटाकर बेहतर मुख्यमंत्री चुनने की अपील कर चुनाव को राज्य की राजनीति से जोड़ दिया।
अब देखना यह है कि प्रशांत किशोर की यह रणनीति बांकीपुर के मतदाताओं पर कितना असर डालती है।
क्या ‘कुत्ता-बिल्ली’ वाली टिप्पणी और मुख्यमंत्री बदलने का नारा वोटरों को जन सुराज की ओर खींच पाएगा, या फिर बांकीपुर का पारंपरिक चुनावी समीकरण ही कायम रहेगा? इसका जवाब 30 जुलाई की वोटिंग और उसके बाद आने वाले नतीजों में मिलेगा।