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    रिशुश्री जांच में '1% एग्रीमेंट' से हवाला कनेक्शन तक के संकेत, ईडी के हाथ लगे कई अहम सुराग

    Updated: Wed, 03 Jun 2026 08:21 PM (IST)

    प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिशुश्री मामले की जांच में सरकारी परियोजनाओं में '1% एग्रीमेंट' और प्रभावशाली अधिकारियों तक अवैध भुगतान के कई सुराग मिले है ...और पढ़ें

    व्हाट्सएप चैट में मिले 'पैकेट' और कोड वर्ड

    व्हाट्सएप चैट में मिले 'पैकेट' और कोड वर्ड

    HighLights

    1. सरकारी परियोजनाओं में '1% एग्रीमेंट' का उल्लेख मिला।

    2. व्हाट्सएप चैट में 'पैकेट' जैसे कोडवर्ड का उपयोग।

    3. हवाला नेटवर्क से आईएएस अधिकारी की विदेश यात्रा का आरोप।

    राज्य ब्यूरो, पटना। रिशुश्री मामले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को ऐसे कई सुराग मिले हैं, जो सरकारी परियोजनाओं में कथित अवैध भुगतान और प्रभावशाली अधिकारियों तक पहुंचने वाले नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

    जांच के दौरान मिले बयान, व्हाट्सएप चैट और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज अब एजेंसी की पड़ताल का केंद्र बने हुए हैं।

    सूत्रों के अनुसार, कुछ चैट में 'एक प्रतिशत एग्रीमेंट' का उल्लेख मिला है। दावा है कि यह राशि विभिन्न परियोजनाओं में साइट निरीक्षण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं के नाम पर संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई जाती थी।

    व्हाट्सएप चैट में मिले 'पैकेट' और कोड वर्ड

    जांच के दौरान जब्त डिजिटल साक्ष्यों में कई ऐसे संदेश मिले हैं, जिनमें 'पैकेट' जैसे कोड शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।

    सूत्रों का कहना है कि इन शब्दों का उपयोग कथित तौर पर नकद भुगतान और अवैध लेन-देन के लिए किया जाता था।

    ईडी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन कोड वर्ड्स का वास्तविक अर्थ क्या था और इनके जरिए किन-किन लोगों तक रकम पहुंचाई जाती थी।

    कॉलेज के कंप्लीशन सर्टिफिकेट के लिए भुगतान का दावा

    जांच में एक इंजीनियरिंग कॉलेज से जुड़ा मामला भी सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, कॉलेज का कंप्लीशन सर्टिफिकेट हासिल करने के लिए करीब 1.25 लाख रुपये के भुगतान का दावा किया गया है।

    फोरेंसिक जांच में मिले चैट रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों के आधार पर एजेंसी इस पूरे लेन-देन की सत्यता की पड़ताल कर रही है।

    यह भी जांचा जा रहा है कि भुगतान किस उद्देश्य से और किन लोगों के माध्यम से किया गया।

    हवाला नेटवर्क के जरिए विदेश यात्रा का खर्च उठाने का आरोप

    ईडी को दिए गए एक बयान में यह भी दावा किया गया है कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और उनके परिवार की विदेश यात्रा की व्यवस्था एक निजी ट्रैवल कंपनी ने कराई थी।

    सूत्रों के अनुसार, यूरोप यात्रा से जुड़े खर्चों का भुगतान कथित तौर पर हवाला नेटवर्क के जरिए किया गया। जांच में 20 से 25 लाख रुपये तक की नकद राशि अनौपचारिक माध्यमों से खर्च किए जाने की बात सामने आई है।

    बैंक खातों और ट्रांसफर की कड़ियां खंगाल रही ईडी

    जांच एजेंसी को कुछ बैंक खातों में धनराशि भेजे जाने के भी संकेत मिले हैं। सूत्रों का दावा है कि एक वरिष्ठ अधिकारी से जुड़े निजी कार्यों के लिए लाखों रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

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    ईडी अब बैंकिंग रिकॉर्ड, डिजिटल चैट, कॉल डिटेल और अन्य दस्तावेजों का मिलान कर यह समझने की कोशिश कर रही है कि कथित भुगतान का पूरा नेटवर्क कैसे काम करता था।

    बयानों से लेकर वित्तीय दस्तावेज तक जांच के दायरे में

    रिशुश्री मामले की जांच अब केवल एक संस्था या व्यक्ति तक सीमित नहीं रह गई है।

    एजेंसी विभिन्न बयानों, व्हाट्सएप चैट, बैंक लेन-देन और कथित हवाला भुगतान के बीच संबंध तलाश रही है।

    सूत्रों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

    हालांकि, ईडी फिलहाल सभी तथ्यों और साक्ष्यों का सत्यापन करने के बाद ही किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने की प्रक्रिया में है।

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