यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 27, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Nitish Kumar : नीतीश कुमार पर भड़के RJD के वरिष्ठ नेता, पापियों की सूची में पहला स्थान बताकर बोला हमला
Nitish Kumar बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रुख को लेकर अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इस बीच सियासी उलटफेर की खबरों को लेकर राजद नेता शिवानं ...और पढ़ें

HighLights
- राजद नेता शिवानंद तिवारी ने एक बार फिर बोला हमला
- तिवारी ने मिलने का समय नहीं देने को लेकर भी जताई नाराजगी
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार में सियासी उलटफेर की लगातार चल रही कोशिशों के बीच राजद-जदयू (RJD-JDU) में लगातार आरोप-प्रत्यारोप रूप का दौर जारी है। नीतीश कुमार (Nitish Kumar) पर पहले ही फोन ना उठाने का आरोप लगा चुके राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी (Shivanand Tiwari) ने एक बार फिर नीतीश कुमार पर हमला बोला है।
इस बार शिवानंद तिवारी ने कहा कि नीतीश जी गांधी जी का बहुत नाम लेते हैं। गांधी जी जिन सात कामों को पाप मानते थे, वे अक्सर ही उनको अपनी सभाओं में सुनाया करते थे। यहां तक कि उन सात पापों की सूची को बड़े-बड़े बोर्ड पर लिखवाकर उन्होंने बिहार भर में टंगवाया है।
उम्मीद है नीतीश गांधी को याद रखेंगे : तिवारी
तिवारी ने कहा कि ऐसा इसलिए ताकि लोग उनसे प्रेरणा ले सकें और उन पापों से बच सकें। उन सात पापों में गांधी जी के मुताबिक पहला पाप 'सिद्धांत विहीन' राजनीति है।
नीतीश जी क्या निर्णय लेने जा रहे हैं, यह तो मुझे नहीं पता है, मेरी उनसे अब तक बात नहीं है, लेकिन मुझे यकीन है कि कोई निर्णय लेने के पहले गांधी को जरूर याद रखेंगे। मैं उनको किशन पटनायक और अशोक सेकसरिया जी का भी स्मरण कराना चाहूंगा।
नीतीश से कितनी उम्मीदें थीं : शिवानंद
तिवारी ने कहा कि उन लोगों को नीतीश से कितनी उम्मीदें थीं। मुझे उम्मीद है कि नीतीश जी गांधी जी के सिद्धांत विहीन राजनीति का पहला पापी नहीं बनना चाहेंगे। बता दें कि इससे पहले राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने आरोप लगाया था कि नीतीश कुमार की मंशा क्या है, यह उन्हें नहीं पता।
परंतु, यह सच्चाई है कि मैंने उनसे फोन पर मिलने के लिए समय मांगा था, पर उन्होंने अपनी अति व्यस्तता बताते हुए मिलने से इनकार कर दिया था। शिवानंद यह भी कहते हैं की भाजपा में वहां के प्रत्येक नेता से लेकर चपरासी तक ने कह दिया है कि नीतीश कुमार के लिए भाजपा के दरवाजे बंद हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में नीतीश क्या करना चाहते हैं, यह तो बेहतर होगा कि वही बताएं।

