यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics : 'मोदी के अश्वमेध के घोड़े को बिहार में बांध देंगे नीतीश', RJD नेता CM के सपोर्ट में उतरे
Bihar Politics बिहार में चल रही सियासी अटकलों के बीच राजद के वरिष्ठ नेता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व का समर्थन किया है। उनका कहना है कि नीत ...और पढ़ें

HighLights
- जदयू नेता शिवानंद तिवारी ने मौजूदा सियासी हालात पर दी प्रतिक्रिया
- बिहार में महागठबंधन में टूट की अटकलें तेज हुईं
राज्य ब्यूरो, पटना। राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि बुधवार को जननायक कर्पूरी ठाकुर की जन्म शताब्दी समारोह पर आयोजित भीड़ का संदेश यह है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फिर से चुनाव जीतने का सपना पूरा नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि कर्पूरी जी के बहाने बिहार की राजनीति के तीनों खेमों (जदयू, भाजपा और राजद) ने अपनी अपनी ताक़त का प्रदर्शन किया। यह माना जाता है कि बिहार के तीन में दो खेमे जिधर रहते हैं, बहुमत उधर ही रहता है। तीनों कार्यक्रम की ताकत से स्पष्ट हो गया है कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन लोकसभा के चुनाव भाजपा के अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को बिहार में ही पकड़ कर बांध देगा।
इस प्रकार संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय विरोधी नरेंद्र मोदी का पुनः प्रधानमंत्री बनने का सपने धूल धूसरित हो जाएंगा। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के महागठबंधन की यह भूमिका इतिहास में दर्ज होगी।
महागठबंधन में टूट की अटकलें तेज
बता दें कि बिहार में महागठबंधन की सरकार में टूट की अटकलें तेज हैं। बीते रोज भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी समेत अन्य नेताओं को पार्टी नेतृत्व ने दिल्ली बुला लिया था।
इसके अलावा जदयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी भी दिल्ली पहुंच गए थे। ऐसे में महागठबंधन में टूट की सियासी अटकलों को और हवा मिल गई थी।
वहीं, दूसरी ओर सभी दलों की ओर से लगातार सामने आ रहे बयानों को देखें तो अभी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हम पार्टी के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी नीतीश कुमार के वापस एनडीए में आने की बात कही है।