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    मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का... जुबान फिसली या फाइनल इशारा, नीतीश के सामने फिर दोहराई गई बात

    Updated: Wed, 18 Mar 2026 04:48 PM (IST)

    उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भागलपुर और नवादा में मंच से एंकरों द्वारा मुख्यमंत्री कहकर संबोधित करने की घटना ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। स ...और पढ़ें

    HighLights

    1. भागलपुर, जमुई, नवादा में सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री कहा गया।

    2. एंकर की घोषणा पर सम्राट चौधरी ने कोई आपत्ति नहीं जताई।

    3. यह घटना सियासी गलियारों में अटकलों और चर्चा का विषय बनी।

    डिजिटल डेस्क, पटना। दो जिलों में एक जैसी घटना से चर्चा तेज हो गया है। यह केवल एक बार की गलती नहीं लगती, बल्कि लगातार तीन जिलों में हुई घटनाओं ने इसे चर्चा का विषय बना दिया है। पहले भागलपुर, फिर नवादा में मंच से एंकर द्वारा सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया गया।

    मंच से गूंजा- ‘मुख्यमंत्री जी का स्वागत कीजिए’

    नवादा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जैसे ही डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी मंच पर उठे, एंकर ने कहा, 'मुख्यमंत्री जी का जोरदार तालियों के साथ स्वागत कीजिए।' इस घोषणा के बाद कुछ पल के लिए माहौल अलग ही बन गया।

    सम्राट चौधरी ने बिना टोकाटाकी संभाला माइक

    एंकर की इस टिप्पणी पर सम्राट चौधरी ने कोई आपत्ति नहीं जताई। वे हाथ जोड़ते हुए माइक की ओर बढ़े और सामान्य ढंग से अपना संबोधन शुरू कर दिया। उनके इस व्यवहार ने भी लोगों का ध्यान खींचा। बाद में मुख्यमंत्री का उनके पीठ पर हाथ रखकर यह कहना कि अब ये ही देखेंगे, भी काफी कुछ बयां कर रहा है। 

    भागलपुर में भी दोहराई गई ‘गलती’

    इससे पहले भागलपुर में भी इसी तरह का वाकया सामने आ चुका है। वहां भी मंच संचालन के दौरान एंकर ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री कहकर संबोधित किया था, जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गई थीं।

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    सियासी गलियारों में उठने लगे सवाल

    लगातार तीन जगहों पर एक जैसी ‘चूक’ को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कोई सियासी संकेत छिपा है? विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर तंज कसने लगे हैं।

    समर्थकों में उत्साह, विरोधियों में चर्चा

    सम्राट चौधरी के समर्थक इसे उनकी बढ़ती लोकप्रियता से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं विरोधी इसे राजनीतिक रणनीति या मंच संचालन की लापरवाही बता रहे हैं। दोनों ही पक्षों में इस घटना को लेकर अलग-अलग व्याख्याएं सामने आ रही हैं।

    आगे भी बना रह सकता है मुद्दा

    लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के बाद यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि इसे लेकर पार्टी या खुद सम्राट चौधरी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं।

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