सम्राट चौधरी बनेंगे बिहार के ‘सम्राट’? भाजपा ने नाम पर लगाई मुहर, 15 अप्रैल को लेंगे शपथ
बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव तय है। भाजपा विधायक दल की बैठक में सम्राट चौधरी के नाम पर मुहर लगा दी गई। वे बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे। ...और पढ़ें

पटना एयरपोर्ट पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करते सम्राट चौधरी।
HighLights
भाजपा विधायक दल ने सम्राट चौधरी को नया मुख्यमंत्री चुना।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान बैठक में मौजूद रहे।
1990 में शुरू हुआ राजनीतिक सफर, अब शीर्ष पर।
राज्य ब्यूरो, पटना। बिहार की सियासत में बड़ा फैसला हो गया है। राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में सम्राट चौधरी का नाम फाइनल कर दिया गया है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर आधिकारिक मुहर लगाई गई। इस अहम बैठक में पार्टी के कई शीर्ष नेता शामिल हुए, जिनमें केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, संगठन महासचिव बीएल संतोष समेत अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
शुरुआत से ही मुख्यमंत्री पद की दौड़ में कई नाम सामने आए, लेकिन सम्राट चौधरी लगातार सबसे आगे रहे। उनकी दावेदारी को उस समय और मजबूती मिली, जब ‘समृद्धि यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें प्रमुखता दी।
इधर, पिछले एक दिन से सम्राट चौधरी के सरकारी आवास की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वे लगातार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करते रहे हैं।
जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह भी उनसे मिलने पहुंचे। मंगलवार को आंबेडकर जयंती समारोह में भी वे मुख्यमंत्री के साथ एक ही वाहन में नजर आए।
1990 से सियासत की शुरुआत, अब शीर्ष तक का सफर
सम्राट चौधरी ने वर्ष 1990 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी। वे पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी के पुत्र हैं। राबड़ी देवी सरकार में उन्हें मंत्री बनाया गया था, हालांकि उस समय उनकी उम्र को लेकर विवाद भी हुआ था।
बाद में वर्ष 2014 में भी उन्होंने बिहार सरकार में मंत्री पद संभाला। 2018 में भाजपा में शामिल होने के बाद उनकी राजनीतिक पकड़ लगातार मजबूत होती गई। स्थिति यह रही कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गृह विभाग छोड़ा, तो इसकी जिम्मेदारी सम्राट चौधरी को सौंपी गई।
अब सियासी हालात ऐसे बन चुके हैं कि सम्राट चौधरी बिहार के अगले मुख्यमंत्री बनने की दहलीज पर खड़े नजर आ रहे हैं।