मुख्यमंत्री आवास योजना में भी वीबीजीरामजी से रोजगार देने की मांग, श्रवण कुमार ने केंद्र के सामने रखा प्रस्ताव
मंत्री श्रवण कुमार ने राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में मुख्यमंत्री आवास योजना में भी वीबीजीरामजी के तहत रोजगार देने की मांग की। उन्होंने पीएम आवास ...और पढ़ें

जियो-टैगिंग मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
HighLights
मुख्यमंत्री आवास योजना में वीबीजीरामजी से रोजगार की मांग।
पीएम आवास योजना के लिए शीघ्र राशि जारी करने का आग्रह।
मनरेगा मजदूरी दर पूरे देश में समान करने का सुझाव।
राज्य ब्यूरो, पटना। ग्रामीण विकास एवं सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने सोमवार को नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबीजीरामजी) के तहत मुख्यमंत्री आवास योजना में भी श्रमिकों को रोजगार दिया जाए, जैसा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में किया जाता है।
'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' थीम पर हुआ सम्मेलन
दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन का आयोजन 'ग्रामोदय से राष्ट्रोदय' थीम पर किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में गांवों की भूमिका को मजबूत करना है। सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया।
जियो-टैगिंग मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना
सम्मेलन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत बिहार की ऑन-साइट जियो-टैगिंग पहल को देश की श्रेष्ठ प्रक्रियाओं में शामिल करते हुए सराहा गया।
इस पहल को ग्रामीण आवास योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाने वाला प्रभावी मॉडल बताया गया।
पीएम आवास के लिए जल्द राशि जारी करने की मांग
श्रवण कुमार ने केंद्र सरकार से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत स्वीकृत 61 लाख आवासों के निर्माण के लिए शीघ्र राशि जारी करने का आग्रह किया।
उन्होंने यह भी मांग की कि वर्ष 2015 से बने पीएम आवासों की मरम्मत के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता उपलब्ध कराई जाए।
मनरेगा मजदूरी पूरे देश में एक करने का सुझाव
मंत्री ने कहा कि वीबीजीरामजी (मनरेगा) के तहत मजदूरी की दर पूरे देश में समान होनी चाहिए। उन्होंने बताया कि हरियाणा, केरल, गोवा, कर्नाटक, पंजाब और तमिलनाडु की तुलना में बिहार में सबसे कम 255 रुपये प्रतिदिन मजदूरी मिलती है। इसे समान करने की आवश्यकता है।
जीविका उत्पादों की मार्केटिंग और ग्रामीण हाट के लिए मांगी सहायता
श्रवण कुमार ने जीविका दीदियों द्वारा बनाए गए उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था विकसित करने की मांग की।
उन्होंने नालंदा, बोधगया, राजगीर, वैशाली, बक्सर, केसरिया और विक्रमशिला में बन रहे ग्रामीण हाटों को दिल्ली के ग्रामीण हाट की तर्ज पर विकसित करने के लिए अतिरिक्त केंद्रीय सहायता देने का भी आग्रह किया।