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    GST इंस्पेक्टर के बाद BPSC से बने एसडीएम; पटना के किसान पुत्र सुमित ने क‍िया कमाल, गांव पहुंचने पर स्‍वागत

    Updated: Sun, 28 Jun 2026 10:36 AM (IST)

    पटना के दुल्हिन बाजार प्रखंड के पिरही गांव निवासी सुमित कुमार 70वीं बीपीएससी परीक्षा में एसडीएम पद पर चयनित हुए हैं। जीएसटी इंस्पेक्टर से एसडीएम बने स ...और पढ़ें

    गांव पहुंचने पर सुमित का हुआ जोरदार स्‍वागत। जागरण

    गांव पहुंचने पर सुमित का हुआ जोरदार स्‍वागत। जागरण

    HighLights

    1. सुमित कुमार 70वीं बीपीएससी में एसडीएम पद पर चयनित।

    2. पहले जीएसटी इंस्पेक्टर थे, अब बने एसडीएम।

    3. गांव में रहकर की तैयारी, ग्रामीणों ने किया स्वागत।

    संवाद सूत्र, दुल्हिन बाजार (पटना)। दुल्हिन बाजार प्रखंड के पिरही गांव निवासी सुमित कुमार के 70वीं बीपीएससी परीक्षा में एसडीएम पद पर चयनित होने के बाद पहली बार गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने उनका जोरदार स्वागत किया।

    बाजे-गाजे और फूल-मालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया गया। गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा और उनके पैतृक आवास पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया!

    सुमित कुमार ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से प्राप्त करने के बाद जवाहर नवोदय विद्यालय से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।

    बीटेक की पढ़ाई पूरी कर बने जीएसटी इंस्‍पेक्‍टर 

    इसके बाद बिलासपुर में रहकर बी.टेक की डिग्री हासिल की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए महानगरों का रुख करने के बजाय अपने गांव में रहकर ही लगातार मेहनत की।

    उनकी मेहनत का परिणाम यह रहा कि वर्ष 2025 में उन्होंने पहले ही प्रयास में सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण कर जीएसटी इंस्पेक्टर के पद पर चयन हासिल किया और वर्तमान में तमिलनाडु के त्रिची में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

    इसके बाद वर्ष 2026 में उन्होंने पहले ही प्रयास में 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता प्राप्त करते हुए एसडीएम पद हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन कर दिया।

    अपने गांव में ही रहकर की प्रत‍ियोग‍िता परीक्षा तैयारी

    सुमित कुमार ने बताया कि दुल्हिन बाजार से लगभग आठ किलोमीटर दूर स्थित अपने गांव पिरही में रहकर ही उन्होंने पूरी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की।

    उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, परिवार और शिक्षकों के मार्गदर्शन के साथ नियमित अध्ययन एवं आत्मविश्वास को दिया।

    सुमित के पिता उमाशंकर कुशवाहा एक छोटे किसान हैं और पूरे परिवार के साथ गांव में ही रहते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद बेटे की सफलता ने पूरे परिवार के साथ-साथ क्षेत्र के युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है।

    सम्मान समारोह में पूर्व राज्य खाद्य आयोग सदस्य नंदकिशोर कुशवाहा, जिला पार्षद सर्वेश यादव, जिला पार्षद मुमताज अंसारी, पूर्व प्रमुख अरुण कुमार यादव, प्रखंड मुखिया संघ अध्यक्ष रंजीत यादव, मुखिया कृष्णमोहन पासवान आदि थे।