तेज प्रताप का दही-गुड़ खाकर पारस के मीठे बोल; परिवार का बिखराव खत्म...; क्या चिराग को मिलेगा चाचा का प्यार?
Bihar Politics: तेज प्रताप यादव के आवास पर मकर संक्रांति दही-चूड़ा भोज ने बिहार की राजनीति में नए समीकरणों की अटकलें तेज कर दी हैं। केंद्रीय मंत्री पश ...और पढ़ें

चिराग पासवान, तेज प्रताप यादव और पशुपति पारस।
HighLights
पशुपति पारस ने परिवार के बिखराव खत्म होने की बात कही।
तेज प्रताप के भोज में नए राजनीतिक समीकरणों की अटकलें तेज।
तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी भोज में देर से पहुंचे।
डिजिटल डेस्क, पटना। Bihar News: मकर संक्रांति के अवसर पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज ने बिहार की सियासत को नया रुख दे दिया है।
नए समीकरण बनेंगे। इसका संकेत भी मिल गया है। केंद्रीय मंत्री और लोजपा रामविलास के अध्यक्ष चिराग पासवान के चाचा पशुपति पारस भी इस आयोजन में शामिल हुए।
उन्होंने कहा-"जितना भी ग्रह था, सब खत्म हो गया। आज से नया समीकरण बनेगा। जो लोग बिखरे हुए थे परिवार में, एक हो जाएंगे। बिहार की राजनीति में नया मोड़ आएगा।
पारस के अनुसार परिवार के बिखरे लोग एक हो जाएंगे, यह शब्द केवल तेज प्रताप और तेजस्वी के लिए था, या खुद के लिए भी? यह प्रश्न उठा है कि क्या अब चाचा-भतीजा का बिखराव भी खत्म हो जाएगा? क्या फिर से पारस और चिराग करीब आएंगे?
बता दें कि तेज प्रताप यादव के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खां, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा समेत कई मंत्री और विधायक शामिल हुए।
हालांकि सभी की नजरें जिनपर टिकी थीं वे थे लालू प्रसाद, तेजस्वी यादव और राबड़ी देवी। लालू प्रसाद तो बेटे के आयोजन में पहुंचे लेकिन दोपहर बाद तक राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का आगमन नहीं हुआ।
उम्मीद जताई जा रही थी कि तेज प्रताप एक बार फिर अपने अर्जुन के करीब होंगे, लेकिन अब तक वह दिख नहीं सका है। इसपर तेज प्रताप ने कहा कि उनके छोटे भाई देर से उठते हैं।
उन्होंने न्योता दे दिया है। तेज प्रताप ने यह भी कहा कि उनके पिता आए और आशीर्वाद मिल गया, यह उनके लिए बहुत है।
बहरहाल तेज प्रताप ने एक दिन पहले अपने भाई, माता-पिता और भतीजी के साथ तस्वीरें साझा की थी, जब वे दही-चूड़ा भोज का आमंत्रण देने पहुंचे थे।
सभी तस्वीरों में तेज प्रताप के चेहरे पर प्रसन्नता साफ झलक रही थी। माता-पिता के चेहरे पर भी हल्की मुस्कान थी, लेकिन तेजस्वी गंभीरता का आवरण ओढ़े नजर आए।