Tej Pratap Yadav : दही-चूड़ा की थाली पर सियासत! विजय सिन्हा के घर तेज प्रताप यादव, NDA से मिला खुला न्योता
मकर संक्रांति पर पटना में उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के दही-चूड़ा भोज में राजद नेता तेजप्रताप यादव की मौजूदगी ने सियासी हलचल बढ़ा दी। केंद्रीय मंत्री स ...और पढ़ें

विजय सिन्हा के घर पर तेज प्रताप यादव। (फोटो- अजीत कुमार)

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डिजिटल डेस्क, पटना। मकर संक्रांति के मौके पर दही-चूड़ा भोज ने इस बार सिर्फ पारंपरिक स्वाद नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में नई हलचल भी परोस दी। पटना में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सरकारी आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज उस वक्त सियासी चर्चा का केंद्र बन गया, जब राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजप्रताप यादव अचानक वहां पहुंच गए। उनके पहुंचते ही सत्ता और विपक्ष के बीच की सियासी रेखाएं कुछ देर के लिए धुंधली नजर आने लगीं।
एनडीए में शामिल होने का ऑफर
भोज के दौरान एनडीए खेमे से तेजप्रताप यादव को लेकर ऐसे बयान आए, जिसने राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म कर दिया।
केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतनराम मांझी के बेटे संतोष सुमन ने तेजप्रताप को खुले मंच से एनडीए में शामिल होने का ऑफर दे दिया।
संतोष सुमन ने कहा कि अगर तेजप्रताप यादव एनडीए के साथ आना चाहें, तो उनका खुले दिल से स्वागत किया जाएगा। उनके इस बयान को विपक्ष में हलचल पैदा करने वाला कदम माना जा रहा है।
यह एक भोज नहीं सियासी संदेश
इतना ही नहीं, बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद रामकृपाल यादव ने भी तेजप्रताप यादव को एनडीए में आने का न्योता दिया। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि तेजप्रताप ने दही-चूड़ा भोज का निमंत्रण दिया है, हम उनके यहां खाने जाएंगे।
अगर वे एनडीए में आना चाहते हैं, तो दरवाजे खुले हैं। रामकृपाल यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक विश्लेषक इसे महज भोज नहीं, बल्कि सियासी संदेश के तौर पर देखने लगे हैं।
विजय सिन्हा ने परोसा दही-चूड़ा
भोज के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा पूरी तरह पारंपरिक और आत्मीय अंदाज में नजर आए। उन्होंने खुद अपने हाथों से मेहमानों को दही-चूड़ा परोसा।
खास बात यह रही कि उन्होंने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को अपने हाथों से मिठाई भी खिलाई, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं।
इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी ने भी इसे और खास बना दिया। उनके साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय चौधरी, संतोष सुमन, संजय झा, मंगल पांडे, संजय पासवान, संजय सिंह समेत एनडीए के कई बड़े नेता और मंत्री शामिल हुए।
विजय सिन्हा ने इस मौके पर बीजेपी के साथ-साथ एनडीए के सभी घटक दलों के नेताओं को आमंत्रित किया था।
वहीं, जमुई से आई एक दूसरी तस्वीर ने उत्सव के माहौल में हल्का तनाव भी दिखा दिया। जमुई के सांसद अरुण भारती के दही-चूड़ा भोज में उनके जाने के बाद लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के कार्यकर्ताओं के बीच खाने को लेकर विवाद हो गया।
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देखते ही देखते बहस झड़प में बदल गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई।
कुल मिलाकर, मकर संक्रांति का यह दही-चूड़ा भोज परंपरा से आगे बढ़कर बिहार की सियासत में नए संकेत और संभावनाओं की थाली बन गया, जिसकी चर्चा अभी लंबे समय तक चलने वाली है।