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    RJD को मेरी पार्टी में मर्ज करें तेजस्‍वी; तेज प्रताप का बड़ा बयान, बोले-लालू की असली पार्टी JJD

    By Vyas ChandraEdited By: Vyas Chandra
    Updated: Wed, 14 Jan 2026 05:12 PM (IST)

    Bihar Chunav के बाद Tej Pratap Yadav की राजनीतिक सक्रियता बढ़ी है। उन्होंने राजद को 'जयचंदों की पार्टी' बताते हुए दावा किया कि जनशक्ति जनता दल (JJD) ल ...और पढ़ें

    HighLights

    1. तेज प्रताप ने राजद को 'जयचंदों की पार्टी' बताया।

    2. जनशक्ति जनता दल को लालू की 'असली पार्टी' कहा।

    3. तेजस्वी को राजद जेजेडी में विलय की सलाह दी।

    ड‍िज‍िटल डेस्‍क, पटना। बिहार विधानसभा चुनाव में हार के बाद जहां नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव की राजनीतिक सक्रियता पहले के मुकाबले कुछ फीकी पड़ती दिख रही है, वहीं लालू परिवार में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है।

    इस बार केंद्र में हैं तेज प्रताप यादव, जो इन दिनों पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। जिस परिवार और संगठन से उन्हें कभी अलग-थलग किया गया था, वहीं अब उनकी पकड़ मजबूत होती दिखाई दे रही है।

    तेज प्रताप के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज को इसी बदले हुए राजनीतिक समीकरण का संकेत माना जा रहा है। इस आयोजन में राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी ने अटकलों को और हवा दे दी।

    लालू ने खुद कहा कि तेज प्रताप अब परिवार के साथ हैं। जब उनसे यह पूछा गया कि क्या तेज प्रताप भाजपा में जा सकते हैं, तो उन्होंने सीधे इनकार करने के बजाय यह कहकर बात टाल दी कि बेटे को हमेशा उनका आशीर्वाद मिलेगा।

    इस पूरे कार्यक्रम में तेजस्वी यादव की गैरमौजूदगी भी सियासी संदेश देती दिखी। हालांकि तेज प्रताप ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज में लेते हुए कहा कि तेजस्वी देर से सोकर उठते हैं और वे रात नौ बजे तक उनका इंतजार करेंगे। हो सकता है कि जयचंदों ने उन्‍हें घेरा हुआ होगा। 

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    लेकिन आयोजन के अंतिम चरण में तेज प्रताप ने मीडिया से बातचीत के दौरान ऐसा बयान दे दिया, जिसने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी।

    तेज प्रताप ने राष्ट्रीय जनता दल को ‘जयचंदों की पार्टी’ बताते हुए कहा कि जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) में लगातार लोग जुड़ रहे हैं।

    उन्होंने दावा किया कि जनता से जुड़ा उनका ‘ब्लैक बोर्ड छाप’ एक दिन पूरे बिहार की आवाज बनेगा। सबसे अहम बयान देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि लालू प्रसाद यादव की असली और ऑरिजिनल पार्टी जनशक्ति जनता दल है। मजाकिया लहजे में ही सही, लेकिन उन्होंने तेजस्वी यादव से राजद को जेजेडी में मर्ज करने की बात कह दी।

    राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान सिर्फ मजाक नहीं, बल्कि लालू परिवार में उत्तराधिकार की चल रही जंग का साफ संकेत है।

    जिस तरह तेज प्रताप खुद को लालू की ‘असली राजनीतिक विरासत’ से जोड़ रहे हैं, उसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। गौरतलब है कि भाजपा में जाने की अटकलों के बीच तेज प्रताप के दही-चूड़ा भोज में केवल डिप्टी सीएम विजय सिन्हा की मौजूदगी रही, जबकि अन्य बड़े नेता नदारद दिखे।

    यह भी संकेत देता है कि तेज प्रताप की राजनीति अभी संकेतों और संभावनाओं के दौर में है, लेकिन उनका बढ़ता प्रभाव और परिवार के भीतर बदलते समीकरण बिहार की राजनीति को नई दिशा दे सकते हैं।