3 दिन बाद बेउर जेल से बाहर आए तेज प्रताप यादव; 25 जुलाई की रात हुए थे गिरफ्तार, सरकार के फैसले से राहत
राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव मंगलवार शाम बेउर जेल से रिहा हो गए, जिन्हें 25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किया गया था ...और पढ़ें
HighLights
तेज प्रताप यादव मंगलवार शाम बेउर जेल से रिहा हुए।
25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान हुए थे गिरफ्तार।
छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने मामले वापस लिए।
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार बंद के दौरान गिरफ्तार किए गए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव मंगलवार शाम बेउर केंद्रीय कारा से रिहा हो गए।
छात्र आंदोलन के दौरान दर्ज मामलों को वापस लेने के राज्य सरकार के फैसले के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हुआ।
जेल से बाहर निकलते ही समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया और नारेबाजी की। इसके बाद तेज प्रताप सीधे कार से अपने आवास के लिए रवाना हो गए।
दरअसल, बिहार सरकार ने सोमवार देर रात छात्र आंदोलन में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और उन्हें रिहा करने का आदेश जारी किया था।
इसी निर्णय के तहत तेज प्रताप यादव समेत अन्य बंद छात्रों और प्रदर्शनकारियों की भी रिहाई हुई।
बिहार बंद के दौरान हुई थी गिरफ्तारी
25 जुलाई को बिहार बंद के दौरान तेज प्रताप यादव छात्र आंदोलन में शामिल हुए थे। इस दौरान उन्होंने प्रदर्शन में भाग लेते हुए तिरंगा भी लहराया था।
शुरुआती दौर में पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर कुछ देर बाद छोड़ दिया था, लेकिन उसी दिन देर शाम पटना के एक मॉल के पास से दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।
इसके बाद देर रात उन्हें मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में बेउर जेल भेज दिया गया था।
हत्या के प्रयास समेत कई गंभीर धाराओं में दर्ज हुई थी एफआईआर
पुलिस ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा, बलवा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत 12 से अधिक धाराओं में मामला दर्ज किया था।
गिरफ्तारी के बाद यह मामला बिहार की सियासत का बड़ा मुद्दा बन गया था और विपक्ष ने सरकार पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप लगाया था।
जेल में बिगड़ी थी तबीयत
बेउर जेल पहुंचने के बाद तेज प्रताप यादव की तबीयत भी बिगड़ गई थी। उन्होंने सीने में दर्द की शिकायत की, जिसके बाद जेल प्रशासन उन्हें जेल अस्पताल ले गया। वहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज किया गया।
इसी दौरान यह भी चर्चा रही कि उन्होंने जेल में एसी और घर का खाना उपलब्ध कराने की मांग की थी। हालांकि, जेल प्रशासन ने जेल मैनुअल का हवाला देते हुए इन मांगों को स्वीकार नहीं किया।
कोर्ट में दायर हुई थी जमानत याचिका
तेज प्रताप यादव की ओर से अदालत में जमानत याचिका भी दाखिल की गई थी। याचिका में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए गए थे और गिरफ्तारी को अनुचित बताया गया था।
तेजस्वी ने सरकार को दी थी चेतावनी
विदेश दौरे से लौटने के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने भाई की गिरफ्तारी को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला था।
उन्होंने आरोप लगाया था कि छात्र आंदोलन को दबाने के लिए सरकार दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। तेजस्वी यादव ने सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि यदि सोमवार तक छात्र नेताओं और प्रदर्शनकारियों को रिहा नहीं किया गया तो सरकार को इसके राजनीतिक परिणाम भुगतने होंगे।
इसके बाद सोमवार देर रात सरकार ने मामले वापस लेने और गिरफ्तार छात्रों को रिहा करने का निर्णय लिया, जिसके तहत मंगलवार को तेज प्रताप यादव भी जेल से बाहर आ गए।
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