यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tejashwi Yadav: 'कुछ IAS अधिकारी IPS को दबाकर रखना चाहते हैं', तेजस्वी के बयान से सियासी भूचाल; BJP ने बोला हमला
Bihar Politics बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने अब बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उन्होंने बिहार के आईए ...और पढ़ें

HighLights
- तेजस्वी यादव ने बिहार के आईएएस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए
- तेजस्वी यादव ने बिहार की कानून व्यवस्था पर नीतीश सरकार पर सवाल उठाए
राज्य ब्यूरो, पटना। Bihar Political News Today: पूर्व उप मुख्यमंत्री और प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के कुछ IAS अधिकारी पुलिस सेवा के अधिकारियों (IPS) को दबाकर रखना चाहते हैं। यही वजह है कि अच्छे अधिकारी बिहार में रहना नहीं चाहते।
बिहार की कानून व्यवस्था भी इसी वजह से ध्वस्त होती जा रही है। तेजस्वी के इस बयान से सियासी भूचाल मच गया है। बीजेपी नेता मंगल पांडेय ने उनपर हमला बोला है।
आरएस भट्टी के डीजी बनाए जाने पर तेजस्वी ने दी प्रतिक्रिया
वहीं गुरुवार को तेजस्वी ने स्थानीय मीडिया से पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में डीजी बनाए जाने पर प्रतिक्रिया दी। साथ ही प्रशासनिक व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा किया। तेजस्वी ने कहा सभी को मालूम है कि डीजीपी की ताकत सीआईएसएफ के डीजी से कहीं ज्यादा है। लेकिन भट्टी अपना पद छोड़ कर वहां जा रहे हैं। इसमें कोई न कोई बात तो होगी ही।
राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी
तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह से फेल हो चुकी है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की बिहार यात्रा को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि बिहार उनके लिए हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। भाजपा की स्थिति यह है कि वह इतने वर्षो में बिहार में अपने बूते सरकार तक नहीं बना पाई।
तेजस्वी यादव पर मंगल पांडेय ने हमला बोला
वहीं तेजस्वी यादव द्वारा कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने अब हमला बोला है। मंगल पांडेय ने कहा है कि लालू यादव-रबड़ी देवी के राज के 15 साल की डराने वाली कहानी किसी से छुपी नहीं है। उन्होंने कहा कि गैर सरकारी आंकड़ों के अनुसार लालू यादव के शासन की शुरुआत से अंत तक में अपहरण के कांड की संख्या 6494 हैं।