'100 से ज्यादा पुल गिरे…'; विक्रमशिला हादसे पर तेजस्वी यादव का हमला, बोले-आगाह किया था
Bihar Politics: भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बड़े हिस्से के गिरने पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए हमला बोला है। उ ...और पढ़ें

रविवार देर रात टूट गया विक्रमशिला सेतु का बड़ा हिस्सा। जागरण
HighLights
भागलपुर में विक्रमशिला पुल का बड़ा हिस्सा गिरा।
तेजस्वी यादव ने सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया।
पहले दी गई चेतावनी को सरकार ने नजरअंदाज किया।
डिजिटल डेस्क, पटना। भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के बड़े हिस्से के धराशायी होने पर अब सियासत तेज हो गई है। राजद के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसको लेकर सरकार पर हमला बोला है।
अपने एक्स हैंडल पर किए गए पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि आगाह किए जाने के बावजूद इसपर ध्यान नहीं दिया गया।
पहले किया था आगाह, नहीं दिया ध्यान
उन्होंने लिखा, और अब भ्रष्ट NDA सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली। भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए।
विगत महीने हम लोगों ने सरकार को आगाह किया था कि यह पुल गिर सकता है लेकिन आदतन सरकार ने अपनी भ्रष्ट व्यवस्था का बचाव करते हुए पल्ला झाड़ लिया।
जिस वक्त पुल गिरा अनेक वाहन पुल पर थे लेकिन ईश्वर का आशीर्वाद रहा कि गिरने वाले स्लैब पर नहीं थे इसलिए जानमाल का नुकसान नहीं हुआ।
विगत दो साल में बिहार में 100 से अधिक पुल-पुलिया गिरे है तभी तो बिहार भ्रष्टाचार में शीर्ष पर है।
रविवार देर रात टूटा पुल
बता दें कि गंगा नदी पर उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का बड़ा हिस्सा रविवार देर रात गिर गया। पुल दो हिस्सों में बंट जाने से आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया है।
देर रात पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना पर जांच चल रही थी, इसी दौरान करीब 34 मीटर हिस्सा टूटकर नदी में जा गिरा।
4.7 किलोमीटर लंबे इस सेतु का निर्माण राबड़ी देवी के शासनकाल में 2001 में कराया गया था। उत्तर और दक्षिण बिहार को जोड़ने वाले इस पुल से रोजाना एक लाख से अधिक लोग और वाहन गुजरते हैं।
और अब भ्रष्ट NDA सरकार के सौजन्य से भागलपुर में विक्रमशिला पुल ने गंगा नदी में समाधि ले ली। भ्रष्टाचार का इससे भी बड़ा कोई प्रत्यक्ष प्रमाण चाहिए।
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) May 4, 2026
विगत महीने हम लोगों ने सरकार को आगाह किया था कि यह पुल गिर सकता है लेकिन आदतन सरकार ने अपनी भ्रष्ट व्यवस्था का बचाव करते हुए पल्ला… pic.twitter.com/R2pM9OofnH