यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 04, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Tejashwi Yadav नहीं होंगे ED के सामने हाजिर, I.N.D.I.A में शामिल दो CM पर लटकी है गिरफ्तारी की तलवार
Bihar Politics बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव शुक्रवार को ईडी के सामने पेश नहीं होंगे। बता दें कि जमीन के बदले नौकरी घोटाला में प्रवर्तन निदेशा ...और पढ़ें

HighLights
- जमीन के बदले नौकरी घोटाला में ईडी ने भेजा था समन
- तेजस्वी यादव बीती 22 दिसंबर को भी नहीं हुए थे पेश
राज्य ब्यूरो, पटना। जमीन के बदले नौकरी घोटाला में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव शुक्रवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के कार्यालय में उपस्थित नहीं होंगे।
पूर्व से निर्धारित सरकारी आयोजनों में अपनी व्यस्तता की वजह से तेजस्वी दिल्ली नहीं पहुंच पाएंगे। यह दूसरा मौका है जब ईडी का समन मिलने के बाद भी तेजस्वी पूछताछ में शामिल नहीं हो रहे हैं।
क्या है पूरा मामला
राजद प्रमुख लालू प्रसाद के रेल मंत्री रहने के दौरान कई लोगों को जमीन के बदले नौकरी दी गई थी। इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
सीबीआई की जांच को आधार बनाकर प्रवर्तन निदेशालय ने अलग से अपनी जांच शुरू की हुई है। इस घोटाले मेंं प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी यादव का नाम भी जांच एजेंसी ने शामिल किया है।
बीते साल 20 दिसंबर को भी बुलाया था
20 दिसंबर 2023 को ईडी ने लालू प्रसाद और तेजस्वी यादव को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। तेजस्वी को पहली बार 22 दिसंबर 2023 को जबकि लालू प्रसाद से पूछताछ के लिए 27 दिसंबर का दिन निर्धारित किया गया था।
ईडी के समन के बाद भी तेजस्वी और इसके बाद लालू प्रसाद यादव भी पूछताछ के लिए ईडी के दफ्तर नहीं गए थे। इसके बाद तेजस्वी को पांच जनवरी को फिर पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
राजद सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व से निर्धारित सरकारी कार्यो में व्यस्तता की वजह से तेजस्वी दूसरी नोटिस में भी ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं हो पाएंगे।
आईएनडीआईए में शामिल दो मुख्यमंत्रियों पर गिरफ्तारी की तलवार
बता दें कि आईएनडीआईए में शामिल दो प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। दोनों के मामले ईडी से जुड़े हुए हैं।
पहला मामला दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का है। ईडी केजरीवाल को शराब नीति मामले में तीन बार समन भेज चुकी है।
इसी तरह दूसरा मामला झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जुड़ा हुआ है। हेमंत को भूमि घोटाले में ईडी सात बार समन भेजा चुकी है।
दोनों ही मामले अलग-अलग हैं। पंरतु दोनों ही मुख्यमंत्रियों को ईडी के समन को लेकर रवैया करीब-करीब एक जैसा ही है।
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