वैभव 'तूफानी', अंग्रेज पानी-पानी: 80 गेंदों में ठोक डाले 175 रन; तोड़ा सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड
अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने भारत के लिए तूफानी शतक जड़ा। इंग्लैंड के खिलाफ 55 गेंदों में शतक पूरा कर उन्होंने ...और पढ़ें

वैभव सूर्यवंशी
HighLights
वैभव सूर्यवंशी ने 55 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास रचा।
उन्होंने अंडर-19 वर्ल्ड कप में सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा।
कप्तान आयुष म्हात्रे ने अर्धशतकीय पारी से वैभव का साथ दिया।
डिजिटल डेस्क, पटना। अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाजी ने इतिहास रच दिया। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में भारत ने 22 ओवर में दो विकेट पर 213 रन बना लिए। इस धमाकेदार प्रदर्शन के नायक रहे 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी, जिन्होंने फाइनल जैसे बड़े मंच पर तूफानी शतक जड़कर सबको चौंका दिया।
55 गेंद में शतक, फाइनल बना यादगार
भारत की पारी के 20वें ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने महज 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। शतक पूरा करते ही उन्होंने हेलमेट उतारकर आंखें बंद कीं, प्रार्थना की और ड्रेसिंग रूम की ओर देखते हुए तालियां बटोरीं। इस भावुक पल पर भारतीय डगआउट में मौजूद खिलाड़ी खुशी से झूम उठे। वर्ल्ड कप फाइनल में इतनी कम गेंदों में शतक एक बेहद खास उपलब्धि मानी जा रही है।
इंग्लैंड को जवाब: चौके-छक्कों की बरसात
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम को चौथे ओवर में एरॉन जॉर्ज (9) के रूप में पहला झटका लगा था। इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुष म्हात्रे ने मोर्चा संभाला। दोनों ने इंग्लिश गेंदबाजों पर ताबड़तोड़ प्रहार करते हुए रनगति को तेजी से बढ़ाया। वैभव ने अपनी शतकीय पारी में आठ चौके और आठ छक्के जड़े।
सर्वाधिक छक्कों का रिकॉर्ड भी टूटा
इस शतक के साथ ही वैभव सूर्यवंशी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। वे एक अंडर-19 वर्ल्ड कप संस्करण में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने 2022 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में डेवाल्ड ब्रेविस द्वारा बनाए गए 18 छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इस टूर्नामेंट में वैभव अब तक 20 से अधिक छक्के लगा चुके हैं।
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फरहान अहमद पर खास हमला
वैभव ने इंग्लैंड के स्पिनर फरहान अहमद की गेंदों पर जमकर प्रहार किया। 15वें ओवर में फरहान की शुरुआती दो गेंदों पर दो छक्के लगाकर उन्होंने रिकॉर्ड की ओर कदम बढ़ाया। इसके बाद 17वें ओवर में लगातार चार गेंदों पर चार बाउंड्री जड़ दीं, जिनमें तीन छक्के और एक चौका शामिल था।
कप्तान म्हात्रे की अर्धशतकीय पारी
दूसरे छोर से कप्तान आयुष म्हात्रे ने भी शानदार साथ निभाया। उन्होंने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया और वैभव के साथ बड़ी साझेदारी निभाई। दोनों की बदौलत भारत ने फाइनल में मजबूत स्कोर की नींव रख दी।
भारत की नजर छठे खिताब पर
वैभव सूर्यवंशी के ऐतिहासिक शतक ने भारत को अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया है। अब भारतीय टीम की नजरें छठा खिताब जीतकर इतिहास रचने पर टिकी हैं, जबकि वैभव की यह पारी लंबे समय तक याद रखी जाएगी।