BJP ने आखिर क्यों बदला बांकीपुर का उम्मीदवार? अभिषेक बंटी के पिता ने खोला बड़ा राज
बांकीपुर उपचुनाव में भाजपा ने पहले उम्मीदवार अभिषेक सिन्हा को बदलकर नीरज कुमार को प्रत्याशी बनाया है। अभिषेक के पिता का चारा घोटाला मामले से जुड़ाव और ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, पटना। बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का उम्मीदवार बदलना सियासी चर्चा का विषय बना हुआ है।
पहले पार्टी ने अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी को उम्मीदवार बनाया, लेकिन नामांकन दाखिल करने के कुछ ही समय बाद उन्होंने अपना पर्चा वापस ले लिया। इसके बाद भाजपा ने नीरज कुमार सिन्हा को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया।
अभिषेक सिन्हा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नामांकन वापस लेने की वजह पारिवारिक परिस्थितियों को बताया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि चुनाव लड़ने से पीछे हटने का कारण तो सबको सार्वजनिक रूप से बता ही दिया।
पिता की वजह से हटे मैदान से
हालांकि, उनके फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। इस बीच सबसे ज्यादा चर्चा उनके माता-पिता का नाम चर्चित चारा घोटाला मामले से जुड़ने को लेकर हुई।
अभिषेक सिन्हा के पिता रविंद्र प्रसाद ने स्वीकार किया कि वह चारा घोटाला मामले में दोषी ठहराए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस फैसले के खिलाफ उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की है और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं।
प्रेस से बातचीत में रविंद्र प्रसाद ने कहा कि बेटे को भाजपा का टिकट मिलने के बाद ही उनके पुराने मामले को दोबारा उछाला जाने लगा।
उनके अनुसार इससे पार्टी पर अनावश्यक दबाव बना और अंततः अभिषेक को नामांकन वापस लेना पड़ा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनके बेटे के खिलाफ सुनियोजित माहौल बनाया गया हो सकता है।
क्या केवल चारा घोटाला ही वजह था?
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि उम्मीदवार बदलने के पीछे सिर्फ चारा घोटाला मामला ही कारण नहीं था। पार्टी के अंदर भी टिकट को लेकर असंतोष की बातें सामने आ रही थीं।
अभिषेक सिन्हा को नितिन नवीन का करीबी माना जाता है। नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई इस सीट पर अभिषेक को टिकट मिलने के बाद भाजपा के कुछ स्थानीय दावेदार और कार्यकर्ता असहज बताए जा रहे थे।
क्यों अहम है बांकीपुर सीट?
बांकीपुर विधानसभा सीट भाजपा के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न मानी जा रही है। यह सीट पहले भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के पास थी।
उनके राज्यसभा सदस्य बनने के बाद सीट खाली हुई और अब यहां उपचुनाव हो रहा है। इस चुनाव में भाजपा के सामने जन सुराज के प्रशांत किशोर और राजद की रेखा कुमारी जैसी मजबूत चुनौती है।
ऐसे में पार्टी किसी भी ऐसे विवाद से बचना चाहती थी, जो चुनावी अभियान को प्रभावित कर सकता था। इसी रणनीति के तहत भाजपा ने अंततः नीरज कुमार सिन्हा को मैदान में उतार दिया।