यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 19, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Women Reservation Bill: महिला आरक्षण पर बदल गए नीतीश और राबड़ी के सुर, SC-ST को लेकर कर दी यह मांग
Bihar Politics संसद में पेश महिला आरक्षण बिल पर CM नीतीश कुमार और पूर्व CM राबड़ी देवी के सुर अलग-अलग हैं। नीतीश ने जहां इसका स्वागत किया वहीं राबड़ी ...और पढ़ें

HighLights
- नीतीश कुमार ने की जाति आधारित गणना की मांग।
- मत भूलो महिला की भी जाति होती है: राबड़ी।
- महिला आरक्षण के बहाने चुनावी वैतरणी पार करने का प्रयास: शिवानंद तिवारी
राज्य ब्यूरो, पटना: संसद में पेश महिला आरक्षण बिल (महिला शक्ति वंदन अधिनियम) पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सुर अलग-अलग हैं।
नीतीश ने जहां इसका स्वागत किया, वहीं राबड़ी देवी ने इसे धोखा बताया है। आरक्षण में आरक्षण की मांग भी दोनों ने अलग ढंग से की है।
नीतीश कुमार ने कहा कि महिला आरक्षण के दायरे में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति की तरह पिछड़े और अतिपिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिये भी आरक्षण का प्रविधान किया जाना चाहिए।
राबड़ी देवी ने भी इन वर्गों की महिलाओं के लिए अलग आरक्षण की मांग की है, लेकिन उन्होंने इसमें अति पिछड़ों को नहीं जोड़ा है।
नीतीश ने जाति आधारित गणना की मांग की
बिहार की राजनीति में अति पिछड़ों को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कोर वोट माना जाता है। नीतीश ने कहा कि जगनणना और निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन के बाद ही इस आरक्षण का लाभ मिलेगा। उन्होंने लगे हाथ जाति आधारित गणना की भी मांग कर दी है।
उन्होंने कहा है कि जाति आधारित गणना से ही महिलाओं को पूरा लाभ मिलेगा। अगर जाति आधारित गणना हुई रहती तो महिलाओं के लिए आरक्षण की यह व्यवस्था तुरंत लागू हो सकती थी।
मत भूलो महिला की भी जाति होती है: राबड़ी
राबड़ी ने कहा कि महिला आरक्षण के अंदर वंचित, उपेक्षित, खेतिहर एवं मेहनतकश वर्गों की महिलाओं की सीटें आरक्षित होनी चाहिए। यह नहीं भूलना चाहिए कि महिलाओं की भी जाति होती है।
महिला आरक्षण के बहाने चुनावी वैतरणी पार करने का प्रयास: तिवारी
राज्य ब्यूरो, पटना: राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कहा है कि विपक्षी दलों की एकजुटता से बेचैन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल पेश किया है।उन्होंने कहा कि यह भ्रम नहीं होना चाहिए कि मोदी महिलाओं के प्रति संवेदनशील हो गए हैं। हाल में हम सबने ने महिला पहलवानों के मामले में केंद्र सरकार के संवेदनहीना को देखा है।
लोकसभा चुनाव की वैतरणी पार करना चाहते हैं PM मोदी: तिवारी
उन्होंने कहा कि इस बिल के बहाने नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव की वैतरणी पार करना चाहते हैं। लेकिन, इस आरक्षण के भीतर पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान नहीं करके मोदी सरकार ने अपना पिछड़ा विरोधी चरित्र ही उजागर किया है।
खबरें और भी
राजद ने कभी नहीं किया महिला आरक्षण का विरोध: तिवारी
तिवारी ने कहा कि राजद ने कभी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया है। हम हमेशा सार्वजनिक जीवन में महिलाओं की भागीदारी का समर्थक रहे हैं। हम सिर्फ़ महिलाओं के आरक्षण के भीतर पिछड़ी जाति की महिलाओं के लिए आरक्षण चाहते हैं। इससे पहले भी जब महिलाओं के आरक्षण का मामला आया है, राजद ने इसी संशोधन के साथ उसके समर्थन का एलान किया है।