यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Jamin Registry: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से आसान हुई जमीन रजिस्ट्री, सरकार ने जिला निबंधकों को भेजा पत्र
बिना म्यूटेशन रैयत को जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाये जाने वाली नियमावली को सरकार ने वापस ले लिया है। उच्च न्यायालय का आदेश आने के बाद बिहार सरकार ने य ...और पढ़ें

HighLights
- सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद अब फिर से पुराने नियम के अनुसार शुरू हुई जमीन की रजिस्ट्री
- निबंधन कार्यालय में जमीन खरीद-बिक्री करने वालों की बढ़ने लगी भीड़
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। बिना म्यूटेशन (खारिज-दाखिल) रैयत को जमीन की रजिस्ट्री पर रोक लगाये जाने वाली नियमावली सरकार ने वापस ले लिया है। सुप्रीम कोर्ट का आदेश आने के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है। इसके साथ ही, सरकार ने सभी जिला निबंधक को इस संबंध में पत्र भेज दिया है।
अब रैयत जरूरत पड़ने पर पुरानी नियमावली के अनुसार अपनी जमीन की रजिस्ट्री कर सकेंगे। यानी, अब फिर से अपने नाम बिना म्यूटेशन कराए भी रैयत अपनी पुश्तैनी जमीन की बिक्री कर सकेंगे।
विभागीय निर्देश आने के बाद सोमवार से पूर्णिया जिले के निबंधन कार्यालयों में रजिस्ट्री की रफ्तार बढ़ गई है। दो दिन में ही कार्यालयों में जमीन की रजिस्ट्री दोगुनी हो गई है।
जिला अवर निबंधक पदाधिकारी नीतीश कुमार ने बताया मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सहायक निबंधन महानिरीक्षक सुशील कुमार सुमन ने पत्र जारी कर पूर्व की तरह रजिस्ट्री करने का निर्देश जारी किया है।
सोमवार से पुरानी व्यवस्था के तहत जमीन निबंधन का काम शुरू हो गया है। अब कोई भी व्यक्ति पहले के नियम के तहत अपने पूर्वजों की जमीन का साक्ष्य प्रस्तुत कर अपनी जमीन बेच सकते है।
दो दिन में लगभग 200 डीड का निबंध न
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