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    पूर्ण‍िया : धमदाहा में बस-ऑटो-टोटो पड़ाव की बोली, आपको पता है क‍ि सूरज ने क‍ितने लाख की बोली लगाई थी?

    Updated: Wed, 25 Mar 2026 12:48 PM (GMT+05:30)

    धमदाहा नगर पंचायत में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बस, ऑटो और ई-रिक्शा पड़ाव की अस्थायी बंदोबस्ती आम डाक प्रक्रिया से हुई। सूरज कुमार सिंह ने बस पड़ाव, ...और पढ़ें

    “धमदाहा नगर पंचायत: बस, ऑटो और ई-रिक्शा पड़ाव की बोली में सूरज कुमार सिंह ने सबसे ऊंची 3.59 लाख की पेशकश की, राजस्व अपेक्षा के अनुरूप नहीं”

    “धमदाहा नगर पंचायत: बस, ऑटो और ई-रिक्शा पड़ाव की बोली में सूरज कुमार सिंह ने सबसे ऊंची 3.59 लाख की पेशकश की, राजस्व अपेक्षा के अनुरूप नहीं”

    HighLights

    1. बस, ऑटो, टोटो पड़ाव की बंदोबस्ती धमदाहा में संपन्न हुई।

    2. पिछले साल की तुलना में बोली राशि सात गुना कम रही।

    3. नगर पंचायत को राजस्व का भारी नुकसान हुआ, चिंता बढ़ी।

    संवाद सहयोगी, धमदाहा (पूर्णिया)। नगर पंचायत कार्यालय में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए बस, ऑटो और ई-रिक्शा (टोटो) पड़ाव की अस्थायी बंदोबस्ती आम डाक प्रक्रिया के माध्यम से संपन्न हुई। इस बार की बोली प्रक्रिया में कुल आठ लोगों ने भाग लिया, जिनमें से एक आवेदन त्रुटिपूर्ण पाए जाने के कारण रद्द कर दिया गया। इसके बाद सात प्रतिभागियों के बीच अंतिम बोली की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

    सबसे ऊंची बोली सूरज कुमार सिंह की

    बस पड़ाव के लिए सूरज कुमार सिंह ने 3.59 लाख रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर ठेका अपने नाम किया। उनकी यह बोली अन्य प्रतिभागियों की बोली से स्पष्ट रूप से आगे रही। वहीं ऑटो पड़ाव का ठेका 2.59 लाख रुपये में दिवाकर कुमार को मिला, जबकि टोटो पड़ाव 1.59 लाख रुपये में बिट्टू को आवंटित किया गया।

    बोली राशि में गिरावट, राजस्व प्रभावित

    हालांकि इस बार की बोली ने सभी को चौंका दिया। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुल बोली राशि लगभग सात गुना कम रही, जिससे नगर पंचायत को अपेक्षित राजस्व नहीं मिल सका। स्थानीय लोगों ने इस बदलाव पर हैरानी जताई और चर्चा की कि आखिर इस बार बोली इतनी कम क्यों रही।

    स्थानीय प्रतिक्रिया और भविष्य की संभावनाएं

    नगरवासियों का कहना है कि पिछली साल सुरक्षित जमा राशि से कई गुना अधिक आमदनी हुई थी, लेकिन इस वर्ष बोली राशि केवल सुरक्षित जमा राशि के आसपास ही सिमट कर रह गई। कई लोगों ने सुझाव दिया कि बोली प्रक्रिया को और पारदर्शी और आकर्षक बनाने के उपाय किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में बेहतर प्रतिस्पर्धा और अधिक राजस्व सुनिश्चित किया जा सके।

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    निगरानी और प्रशासन की भूमिका

    नगर पंचायत के अधिकारियों ने बताया कि सभी बोली प्रक्रियाओं को नियमों के अनुरूप संपन्न कराया गया और सभी प्रतिभागियों के दस्तावेज़ों की जांच की गई। अधिकारियों ने यह भी कहा कि आगामी वर्षों में पड़ावों की बोली में और सुधार लाने के लिए प्रशासनिक पहल की जाएगी और स्थानीय व्यवसायियों तथा ऑपरेटरों को इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल किया जाएगा।