पूर्णिया में 30 म्यूल खातों की हुई पहचान, साइबर ठगी की करोड़ों की राशि का हुआ लेनदेन
पूर्णिया साइबर पुलिस ने 30 सक्रिय म्यूल बैंक खातों की पहचान की है, जिनका उपयोग साइबर ठगी के करोड़ों रुपये के लेनदेन के लिए किया गया। दो खाताधारकों के ...और पढ़ें

पूर्णिया में 30 म्यूल खातों की हुई पहचान (AI Generated Image)

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राजीव कुमार, पूर्णिया। साइबर पुलिस ने जिले में सक्रिय 30 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है। इन म्यूल बैंक खातों में साइबर ठगी के रुपये को खपाने का काम किया जा रहा है। हाल के महीनों में इन खातों के माध्यम से साइबर ठगी के करोड़ों रुपये का लेनदेन हुआ है।
साइबर पुलिस अब इन म्यूल खाताधारकों के खिलाफ साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर रही है। अब तक दो म्यूल खाता धारकों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा चुका है, जबकि अन्य 28 बैंक खातों की जांच जारी है।
सोमवार, 9 मार्च को साइबर पुलिस ने भवानीपुर थाना क्षेत्र के एक म्यूल बैंक खाताधारक के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस बैंक खाते में दो माह के दौरान 18 लाख रुपये की राशि साइबर ठगी के माध्यम से आई है और फिर इसे निकाला गया है। इस बैंक खाते का धारक मजदूरी का काम करता है।
साइबर पुलिस को इस खाताधारक ने बताया कि उसे बैंक में खाता खुलवाने के लिए पांच हजार रुपये दिए गए थे। इसके बाद उसे यह नहीं पता चला कि खाते में कितनी राशि कब और कहां से आई और कब निकाली गई।
साइबर पुलिस ने इससे पहले कसबा के एक खाताधारक के खिलाफ भी म्यूल बैंक खाता को लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी। पुलिस का मानना है कि पहले चरण की जांच में 30 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है, जबकि वास्तविक संख्या पांच सौ से अधिक हो सकती है। ये म्यूल बैंक खाते साइबर ठगी की रकम को खपाने के लिए उपयोग किए जा रहे हैं।
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ग्रामीण क्षेत्रों में खोले गए हैं अधिक म्यूल खाते
पूर्णिया के ग्रामीण इलाकों में म्यूल खाते अधिक खुलवाए गए हैं। इनमें जानकीनगर, भवानीपुर, रूपौली, डगरूआ, बायसी, अमौर और रौटा के कई इलाके शामिल हैं। इन खाताधारकों को विभिन्न प्रलोभनों के माध्यम से बैंक में खाता खुलवाने के लिए प्रेरित किया गया है, और फिर इन खातों का उपयोग साइबर ठगों द्वारा किया जा रहा है।
म्यूल बैंक खाता क्या होता है?
म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता है जिसका उपयोग अपराधी अवैध रूप से हासिल की गई राशि को इधर-उधर करने के लिए करते हैं। इसमें सीधे तौर पर अपराधी आपके खाते का उपयोग अपने काले धन को सफेद करने के लिए करते हैं। ऐसे खातों का उपयोग करने वाले व्यक्ति अनजाने में मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध में शामिल हो जाते हैं।
म्यूल अकाउंट से कैसे बचा जा सकता है?
इसके लिए जरूरी है कि किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, यूपीआई पिन या नेट बैंकिंग विवरण न दिया जाए। घर बैठे पैसा कमाने या बिना काम के कमीशन वाले नौकरी के ऑफर से सावधान रहें। यदि कोई आपको अपने खाते के माध्यम से पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहता है, तो यह एक स्कैम हो सकता है।
साइबर पुलिस द्वारा जिले में सक्रिय म्यूल खातों के संबंध में लगातार अभियान चलाया जा रहा है। साइबर पुलिस ने अब तक जिले में सक्रिय 30 म्यूल बैंक खातों की पहचान की है। इसमें दो खाता धारकों के खिलाफ साइबर थाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। अन्य बैंक खातों की जांच जारी है। - चंदन ठाकुर, साइबर पुलिस उपाधीक्षक सह साइबर थाना अध्यक्ष, पूर्णिया