पूर्णिया: 40 हजार देकर छुड़ाया, फिर स्टेशन से मरीज को उठाने लगे नशा मुक्ति केंद्र वाले; कहीं दूसरी शादी का दबाव तो नहीं?
पूर्णिया के कोर्ट स्टेशन पर एक नशा मुक्ति केंद्र और मरीज के परिजनों के बीच हंगामा हो गया। परिजनों ने केंद्र पर मरीज को छोड़ने के लिए 40 हजार रुपये लेन ...और पढ़ें

कोर्ट स्टेशन पर अफरा-तफरी के बाद पहुंची डायल 112 की टीम; के. हाट थाना पुलिस ने सभी पक्षों को हिरासत में लेकर शुरू की जांच
HighLights
नशा मुक्ति केंद्र पर 40 हजार रुपये ऐंठने का आरोप।
परिजनों ने मरीज को जबरन ले जाने का विरोध किया।
पुलिस दोनों पक्षों को हिरासत में लेकर जांच कर रही है।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। शहर के कोर्ट स्टेशन परिसर में उस समय अफरा-तफरी और हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों और मरीज के परिजनों के बीच तीखी बहस के बाद प्रदर्शन शुरू हो गया। परिजनों ने नशा मुक्ति केंद्र के संचालकों पर मरीज को छोड़ने के एवज में 40 हजार रुपये अवैध रूप से ऐंठने और रुपये लेने के बाद भी मरीज को जबरन दोबारा गाड़ी में बिठाकर ले जाने का गंभीर आरोप लगाया है।
स्टेशन पर परिजनों के विरोध और हंगामे को देख स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। स्थिति बिगड़ते देख रेल पुलिस ने तुरंत डायल 112 को इसकी सूचना दी, जिसके बाद के. हाट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और नशा मुक्ति केंद्र के सदस्यों व परिजनों को हिरासत में लेकर थाने ले आई।
जानिए क्या है पूरा विवाद?
पीड़ित पक्ष के कैलाश यादव ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी भतीजी का प्रेम विवाह मधेपुरा जिले के भटनी थाना क्षेत्र (वार्ड-02) निवासी पिंटू यादव (पिता- जवाहर यादव) से हुआ था। शादी के बाद पिंटू अपने ससुराल में ही रह रहा था, लेकिन अत्यधिक नशा करने की लत के कारण करीब चार महीने पहले परिजनों ने उसे पूर्णिया के शास्त्रीनगर स्थित 'संस्कार फाउंडेशन' नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था।
परिजनों का आरोप है कि:
मुलाकात के नाम पर उगाही: केंद्र में भर्ती कराने के बाद से ही सदस्य मरीज से मिलने के नाम पर पैसों की मांग करते थे। पहली ही मुलाकात में घूस के तौर पर 4 हजार रुपये लिए गए थे।
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दूसरी शादी का दबाव: चार दिन पहले केंद्र के लोग मरीज पिंटू की दूसरी जगह शादी कराने की कोशिश कर रहे थे, जिसका परिजनों ने कड़ा विरोध किया।
रिहाई के नाम पर 40 हजार की मांग: पिछले चार दिनों से केंद्र के सदस्य पिंटू को छोड़ने के बदले 40 हजार रुपये मांग रहे थे।
स्टेशन पर रुपये लिए फिर जबरन उठाने का प्रयास
परिजनों के अनुसार, जब वे पैसों का इंतजाम कर पूर्णिया पहुंचे तो केंद्र के मालिक रणवीर राजपूत, आशीष कुमार और कर्मी अनु कुमार ने उन्हें कोर्ट स्टेशन के पास बुलाया। परिजनों ने वहां उन्हें 40 हजार रुपये सौंप दिए। लेकिन रुपये लेने के बाद जैसे ही परिजन पिंटू को ले जाने लगे, केंद्र के सदस्यों ने उसे जबरन अपनी गाड़ी में बिठाने का प्रयास किया। पत्नी और परिजनों के विरोध करने पर स्टेशन पर हंगामा खड़ा हो गया।
पुलिस जांच में जुटी
मामले की जानकारी देते हुए के. हाट थानाध्यक्ष जय प्रकाश सिंह ने बताया कि डायल 112 की टीम द्वारा दोनों पक्षों को थाने लाया गया है। परिजनों द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के आधार पर पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और पूछताछ के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।