पूर्णिया में एक्शन में प्रशासन, कई अवैध नर्सिंग होम और जांच केंद्रों पर हुई कार्रवाई
पूर्णिया जिले में जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीमों ने चार अनुमंडलों में अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड और जांच केंद्रों पर छापेमारी की। ...और पढ़ें

अमौर में पैथोलॉजी सील करते जांच दल के अधिकारी व पुलिस। (जागरण)
HighLights
जिलाधिकारी के निर्देश पर पूर्णिया में छापेमारी अभियान।
अवैध नर्सिंग होम, अल्ट्रासाउंड केंद्र सील किए गए।
सरकारी अस्पतालों के पास निजी संस्थानों पर कार्रवाई।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। जिले के चारों अनुमंडल अस्पताल में जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित टीम ने कई नर्सिंग होम और अल्ट्रासाउंड सेंटर पर छापेमारी कर कार्रवाई की है।
अवैध तौर पर संचालित केंद्रों डर उत्पन्न हो गया है। लाइन बाजार इलाके में भी इस तरह की कार्रवाई की आशंका है, इस कारण रविवार को कई सेंटर पर ताला लटक मिला।
चारों अनुमंडलों में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी एवं चिकित्सा पदाधिकारी की टीम ने निजी नर्सिंग होम, दवा दुकान, जांच लैब, अल्ट्रासाउंड और गैर कानूनी ढंग से संचालित विभिन्न स्वास्थ्य गतिविधियों की औचक निरीक्षण किया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को गुमराह कर निजी संस्थानों की ओर प्रेरित करने जैसी शिकायतों की जांच की गई।
चिह्नित सरकारी अस्पतालों के एक किलोमीटर के दायरे में स्थित निजी नर्सिंग होम, पैथोलाजी केंद्र, क्लीनिक और अल्ट्रासाउंड केंद्रों का सघन निरीक्षण एवं जांच किया गया।
सरकारी कर्मी की संलिप्तता पाई जाती है तो कठोर कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा।
बनमनखी में कई संस्थान सील
जांच के क्रम में निजी संस्थानों महर्षि मेंही हेल्थ यूनिट, न्यू मनोहर मेडिकल स्टोर, नंद लाल सेवा सदन और मनीषा हेल्थ केयर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान महर्षि मेंही सेवा सदन, सोनापुर रोड, बनमनखी में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। संस्थान बाहर से बंद था, जबकि अंदर से लोगों की आवाजें आने पर संदेह होने पर मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में ताला खुलवाया गया।
अंदर 6 मरीज एवं उनके परिजन मौजूद पाए गए। एक महिला मरीज जो सेकेंड स्टेज आफ लेबर में थी को तत्काल एसडीएच बनमनखी भेजकर सुरक्षित प्रसव कराया गया।
अन्य मरीजों को भी बेहतर उपचार के लिए एसडीएच बनमनखी रेफर किया गया। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि संबंधित संस्थान में चिकित्सक उपलब्ध नहीं थे। जांच टीम द्वारा आवश्यक दस्तावेज की मांग करने पर प्रस्तुत नहीं किया गया।
कसबा में दो अल्ट्रासाउंड सेंटर पर गिरी गाज
कसबा में मां अल्ट्रासाउंड इमेजिंग सेन्टर, मेन रोड, कसबा के निरीक्षण के दौरान चिकित्सक डा. नीलू कुमारी अनुपस्थित रहीं। अनुपलब्ध दस्तावेज में प्रदूषण प्रमाण पत्र, बायोवेस्ट, अग्निशमन, ट्रेड लाइसेंस, नगर निगम रसीद नहीं था।
अल्ट्रासाउंड पंजीकरण, चिकित्सक डिग्री उपलब्ध था और भवन स्वयं का है। यूनीक अल्ट्रासाउण्ड, सुपर मार्केट, कसबा में चिकित्सक डॉ. दीपिका पंकज देर से पहुंचीं। वहां गंभीर कमी पाई गई।
अल्ट्रासाउंड पंजीकरण 14 मई 2024 को समाप्त हो चुका है। वर्तमान में संचालन अवैध है। अनुपलब्ध कागजात में प्रदूषण प्रमाण पत्र, बायोवेस्ट, अग्निशमन, ट्रेड लाइसेन्स, नगर निगम रसीद, रूम एग्रीमेंट शामिल है।
बिहार जांच सेंटर सुपर मार्केट, कसबा का सभी अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध पाया गया। लाइफ केयर पैथोलाजी, सुपर मार्केट, कसबा का भी सभी अनिवार्य दस्तावेज उपलब्ध पाया गया। दोनों पैथोलॉजी सेंटर नियमों के अनुरूप पाए गए।
दो अल्ट्रासाउंड सेंटर पर कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। इसमें यूनीक अल्ट्रासाउंड अवैध रूप से संचालित हो रहा है और मां अल्ट्रासाउंड के पास भी अधिकांश अनिवार्य दस्तावेज नहीं है।
भवानीपुर में आधा दर्जन संस्थान की हुई जांच
भवानीपुर प्रखंड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आसपास एक किलोमीटर के दायरे में संचालित जांच संस्थानों का निरीक्षण किया गया। महर्षि सेवा सदन, सवेरा हॉस्पिटल, स्टार अल्ट्रासाउंड एंड पैथोलाजी सेंटर, मौर्य लैब, सारा अल्ट्रासाउंड, राम नारायण हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड, पटना अल्ट्रासाउंड एवं न्यू अल्ट्रासाउंड सेंटर का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान स्टार अल्ट्रासाउंड एंड पैथोलॉजी सेंटर, राम नारायण हॉस्पिटल एंड अल्ट्रासाउंड, पटना अल्ट्रासाउंड और न्यू अल्ट्रासाउंड सेंटर बंद पाया गया। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
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अमौर में तीन जांच केंद्र सील
अमौर में पंजीकृत एवं मान्य दो संस्थान जीवन अस्पताल एवं मां अस्पताल निरीक्षण किया गया। रफीकी क्लीनिक और अपोलो पैथ लैब के विरुद्ध सील की कार्रवाई गई गई।
साथ ही साथ संभावित रूप से अवैध अल्ट्रासाउंड संचालन के संदेह में भी संबंधित इकाई पर कार्रवाई की गई। रूबी क्लीनिक निरीक्षण के दौरान बंद पाया गया। सारह क्लिनिक में वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं किया जा सका। जिस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।