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    बिजली कनेक्शन के नाम पर 10 हजार घूस लेते पूर्णिया के JE और 2 टेक असिस्टेंट अरेस्ट; पटना निगरानी टीम की बड़ी कार्रवाई

    Updated: Thu, 06 Aug 2026 06:04 PM (IST)

    पूर्णिया के केनगर में विशेष निगरानी इकाई ने उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के कनीय अभियंता और दो तकनीकी सहायकों को 10 हजार रुपये रिश्वत ...और पढ़ें

    केनगर NBPDCL दफ्तर में पटना से पहुंची विशेष निगरानी टीम (SVU) का छापा; रंगे हाथ गिरफ्तार कर ले गई पटना

    केनगर NBPDCL दफ्तर में पटना से पहुंची विशेष निगरानी टीम (SVU) का छापा; रंगे हाथ गिरफ्तार कर ले गई पटना

    HighLights

    1. केनगर में जेई और दो तकनीकी सहायक गिरफ्तार।

    2. बिजली कनेक्शन के लिए 10 हजार रिश्वत लेते पकड़े गए।

    3. विशेष निगरानी इकाई पटना ने की बड़ी कार्रवाई।

    संवाद सूत्र, केनगर (पूर्णिया)। पटना से पहुंची विशेष निगरानी इकाई (SVU) की टीम ने गुरुवार को केनगर स्थित उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) के कार्यालय में बड़ी कार्रवाई की है। निगरानी टीम ने दफ्तर में कार्यरत कनीय अभियंता (JE) और उनके दो तकनीकी सहायकों को 10 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के बाद टीम तीनों आरोपियों को अपने साथ पटना ले गई।

    गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कनीय अभियंता भरत मलिक, तकनीकी सहायक आशुतोष पांडेय एवं पंकज कुमार मेहता के रूप में हुई है। अधिकारियों-कर्मियों की अचानक हुई इस गिरफ्तारी से बिजली विभाग के दफ्तर में हड़कंप मच गया।

    नया बिजली कनेक्शन देने के लिए मांगी थी ₹15 हजार की रिश्वत

    विशेष निगरानी इकाई के इंस्पेक्टर अविनाश कुमार ने बताया कि मजरा पंचायत के बखरीकोल गांव निवासी पीड़ित राजेश कुमार साह ने घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था। आवेदन स्वीकृत करने के एवज में जेई भरत मलिक ने 15 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।

    पीड़ित ने बताया कि इसमें से 5 हजार रुपये आवेदन सत्यापन (Verification) के समय ही ले लिए गए थे, जबकि शेष 10 हजार रुपये बाद में देने की शर्त रखी गई थी। रिश्वतखोरी से परेशान होकर पीड़ित ने स्पेशल विजिलेंस यूनिट, पटना में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

    SVU के जाल में फंसे घूसखोर, कार्यालय कक्ष से रंगे हाथ दबोचे गए

    शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने गुप्त तरीके से मामले का सत्यापन कराया। आरोप सही पाए जाने पर एसवीयू द्वारा एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।

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    पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार गुरुवार को निगरानी टीम शिकायतकर्ता राजेश साह के साथ केनगर एनबीपीडीसीएल दफ्तर पहुंची। जैसे ही कनीय अभियंता भरत मलिक ने अपने कमरे में दोनों तकनीकी सहायकों के सहयोग से शेष 10 हजार रुपये रिश्वत ली, पहले से मुस्तैद विजिलेंस टीम ने तीनों को मौके पर ही धर दबोचा। कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद टीम तीनों को पटना ले गई।