पूर्णिया में अजब कारनामा: राजघाट नहर के सरकारी पुल को ही बना दिया फ्लैट, अंदर बेड, बिजली-पंखा और स्टोर रूम भी
पूर्णिया के धमदाहा में राजघाट नहर के एक सरकारी पुल के भीतर एक व्यक्ति ने रहने के लिए घरनुमा कमरा बना लिया है, जिसमें बिजली और पंखे की सुविधा भी है। जम ...और पढ़ें

पूर्णिया में जुगाड़ टेक्नोलॉजी: बेघर शख्स ने नहर के पुल के अंदर ही बना डाला आलीशान कमरा, बिजली-पंखे की भी व्यवस्था
HighLights
सरकारी पुल के भीतर बनाया गया रहने का कमरा।
कमरे में बिजली, पंखा और स्टोर रूम की सुविधा।
सिंचाई विभाग की निगरानी पर उठे गंभीर सवाल।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। धमदाहा में कुछ समय पहले 'नहर चोरी' का अजीबोगरीब मामला सुर्खियों में रहा था। अब प्रखंड क्षेत्र के राजघाट से नहर अतिक्रमण का एक ऐसा अनोखा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। यहाँ एक व्यक्ति ने सरकारी पुल के भीतर ही रहने के लिए घरनुमा कमरा और सामान रखने के लिए स्टोर रूम बना लिया है।
पुल के अंदर जाने के लिए बांस की सीढ़ी
सबसे दिलचस्प बात यह है कि पुल के भीतर बने इस खुफिया कमरे तक पहुंचने के लिए नीचे से ऊपर चढ़ने हेतु एक बांस की सीढ़ी लगाई गई है। इसी अस्थायी सीढ़ी के सहारे लोग पुल के भीतर जाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह जुगाड़ व्यवस्था काफी समय से चल रही है और नियमित रूप से इसका उपयोग किया जा रहा है।
कमरे के अंदर मौजूद है रोशनी और पंखा
बाहर से देखने पर यह पुल बिल्कुल सामान्य दिखाई देता है, लेकिन अंदर प्रवेश करने पर यह एक छोटे घर जैसा नजर आता है। पुल के भीतर बने इस कमरे में न सिर्फ रहने का इंतजाम है, बल्कि वहां रोशनी (लाइट) और हवा के लिए पंखे की सुविधा भी उपलब्ध है, जिसे देखकर हर कोई हैरत में पड़ रहा है।
जमीन नहीं होने की बताई मजबूरी
जिस व्यक्ति ने पुल के भीतर यह अनोखा आशियाना बनाया है, उसका कहना है कि उसके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है। इसी मजबूरी के कारण उसने जुगाड़ टेक्नोलॉजी का सहारा लिया। हालांकि मजबूरी अपनी जगह है, लेकिन सरकारी पुल की संरचना पर इस तरह कब्जा करना कानूनन पूरी तरह गलत है।
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सिंचाई विभाग की कार्यशैली पर उठे सवाल
इस मामले ने सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के भीतर कमरा बन गया, बिजली-पंखे लग गए, लेकिन सिंचाई विभाग सोया रहा। सवाल उठ रहा है कि विभाग को इसकी भनक क्यों नहीं लगी या जानकर भी आंखें मूंद ली गईं।
जिला प्रशासन से जांच की मांग
पुल से गुजरने वाले राहगीरों ने बताया कि यदि समय रहते इस तरह के अतिक्रमण पर रोक नहीं लगी, तो सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग से मामले की तुरंत जांच कर पुल को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की है।