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    पूर्णिया में बेटे के अपहरण की झूठी कहानी रच बैठी मां, प्रेमी के विरोधी को फंसाने की थी साजिश

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 08:19 PM (IST)

    पूर्णिया के जानकीनगर में एक महिला ने अपने प्रेमी के विरोधी को फंसाने के लिए अपने आठ वर्षीय बेटे के अपहरण की झूठी कहानी रची। पुलिस की त्वरित कार्रवाई स ...और पढ़ें

    पूर्णिया में अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश, मां समेत तीन गिरफ्तार

    पूर्णिया में अपहरण की झूठी कहानी का पर्दाफाश, मां समेत तीन गिरफ्तार

    संवाद सूत्र, जानकीनगर (पूर्णिया)। पूर्णिया जिले के जानकीनगर थाना क्षेत्र से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने अपने प्रेमी के विरोधी को फंसाने के लिए अपने ही आठ वर्षीय बेटे के अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। महिला ने प्रेमी और उसके परिजनों के साथ मिलकर बच्चे को छिपा दिया और फिर उसके अपहरण की शिकायत लेकर थाने पहुंच गई। हालांकि पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गहन जांच के कारण साजिश ज्यादा देर तक छिप नहीं सकी और कुछ ही घंटों में पूरे मामले का पर्दाफाश हो गया।

    मामला जानकीनगर थाना क्षेत्र के रामपुर तिलक पंचायत के वार्ड संख्या नौ का है। यहां रहने वाली कविता देवी ने अपने आठ वर्षीय पुत्र सुमन कुमार के अपहरण की शिकायत पुलिस से की थी। शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और बच्चे की तलाश शुरू कर दी।

    अपहरण की सूचना मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस

    कविता देवी ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया था कि उनका पुत्र सुमन कुमार अचानक लापता हो गया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल खोजबीन शुरू कर दी। साथ ही वरीय अधिकारियों को भी घटना की जानकारी दी गई।

    पुलिस के अनुसार कथित अपहरण की घटना 31 मई को सुबह करीब 10 बजे की बताई गई थी, जबकि इसकी सूचना रात करीब 11 बजे थाना को दी गई। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बनमनखी शैलेश प्रीतम के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।

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    कुछ ही घंटों में सकुशल मिला बच्चा

    विशेष टीम ने विभिन्न संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई ऐसे तथ्य मिले, जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग बिंदुओं पर जांच को आगे बढ़ाया।

    पुलिस की कार्रवाई के दौरान कथित रूप से अपहृत बालक सुमन कुमार को सकुशल बरामद कर लिया गया। बच्चे के सुरक्षित मिलने के बाद पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल शुरू की। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर जो तथ्य सामने आए, उन्होंने सभी को चौंका दिया।

    प्रेमी के विरोधी को फंसाने के लिए रची गई थी साजिश

    पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि बच्चे के अपहरण की कहानी पूरी तरह से सुनियोजित साजिश थी। आरोप है कि बच्चे की मां कविता देवी ने अपने प्रेमी मदन महतो और उसके परिजनों के साथ मिलकर बच्चे को जानबूझकर छिपा दिया था।

    जांच में यह भी सामने आया कि इस साजिश का उद्देश्य मदन महतो के विरोधी कृष्ण कुमार को झूठे अपहरण मामले में फंसाना था। पुलिस के अनुसार यदि समय रहते मामले का खुलासा नहीं होता तो एक निर्दोष व्यक्ति गंभीर आरोपों में फंस सकता था।

    मां समेत तीन आरोपित गिरफ्तार

    मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बच्चे की मां कविता देवी, रंजीत महतो और मनजीत महतो को गिरफ्तार कर लिया। तीनों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई।

    गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपितों को न्यायिक प्रक्रिया पूरी करते हुए मंगलवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। वहीं पुलिस प्रेमी मदन महतो की भूमिका को लेकर भी जांच कर रही है।

    चार घंटे में हुआ मामले का उद्भेदन

    जानकीनगर थानाध्यक्ष परीक्षित पासवान ने बताया कि लिखित आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। प्राथमिकी दर्ज होने के महज चार घंटे के भीतर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया और मामले का सफल उद्भेदन कर लिया गया।

    उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता और तकनीकी जांच के कारण साजिश का खुलासा संभव हो सका। मामले में शामिल आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

    यह घटना एक बार फिर बताती है कि व्यक्तिगत दुश्मनी या स्वार्थ के लिए झूठे मामले गढ़ना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि इससे निर्दोष लोगों की जिंदगी भी प्रभावित हो सकती है।