पूर्णिया में 80 पुलिस अधिकारियों की वेतन पर रोक, केस डायरी के चलते SSP की कार्रवाई
पूर्णिया में 80 पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगा दी गई है क्योंकि उन्होंने केस डायरी जमा नहीं की, जिससे मामलों के निपटारे में देरी हो रही थी। एसए ...और पढ़ें

डॉ. शौर्य सुमन। फोटो जागरण
HighLights
पूर्णिया में 80 पुलिसकर्मियों के वेतन पर लगी रोक।
केस डायरी जमा न करने पर एसएसपी ने की कार्रवाई।
लंबित मामलों की समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय।
राजीव कुमार, पूर्णिया। थानों में दर्ज होने वाले मामलों में केस डायरी नहीं सौंपना जिले के 80 पुलिस पदाधिकारियों को मंहगा पड़ा है। एसएसपी डॉ. शौर्य सुमन ने लंबित मामलों की समीक्षा के बाद इन सभी लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों के वेतन रोकने का निर्देश दिया है। इसके अलावा सभी अनुसंधानकर्ता को 24 घंटे के अंदर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है।
एक साथ जिले के 80 पुलिस पदाधिकारियों के वेतन रोकने के निर्देश बाद पुलिस कर्मियों में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने जिले के थानों में प्रतिवेदित होने वाले मामले तथा संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी/पुलिस उपाधीक्षक द्वारा समर्पित पर्यवेक्षण जिलान्तर्गत लंबित कांडों की समीक्षोपरांत पाया गया है कि कांड के अनुसंधानक द्वारा कांड में एक भी कांड दैनिकी समर्पित नहीं किया जा रहा है, जिससे कांड प्रतिवेदन रिपोर्ट निर्गत करने में कठिनाई हो रही है।
कांडों में संबंधित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी का पर्यवेक्षण टिप्पणी प्राप्त है, परन्तु कांड के अनुसंधानक का आज तक कांड दैनिकी अप्राप्त है। जिस कारण मामला लंबित पड़ा हुआ है। समीक्षा में ऐसे 80 अनुसंधानकर्ता की पहचान की गयी और उनके खिलाफ वेतन रोकने का आदेश एसपी द्वारा निर्गत किया गया।
वरीय पुलिस अधीक्षक द्वारा जिन थानों के अनुसंधानकर्ता के वेतन पर रोक लगाई गयी उसमें जिले के सभी थानों से पुलिस पदाधकारी शामिल है। इसमें कसबा थाना के चार अनुसंधानकर्ता के साथ साथ केनगर थाना के पांच, डगरूआ थाना के दो, जलालगढ़ थाना के दो बायसी थाना के चार, रौटा थाना के दो एवं सदर थाना के छह पुलिस पदाधिकारी शामिल है।
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इन पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर लगाई गयी रोक
समीक्षा के बाद एसएसपी ने जिन 80 पुलिस पदाधिकारियों के वेतन पर रोक लगाई उनमें कसबा थाना के पुलिस अवर निरीक्षक सुरेश प्रसाद शामिल हैं, जिनके मामले में पुलिस उपाधीक्षक का पर्यवेक्षण टिप्पणी 9 जुलाई 2026 को निकली गयी लेकिन उनके द्वारा मामले में कोई कांड दैनिकी समर्पित नहीं किया गया।
इसी तरह कसबा थाने के पुलिस अवर निरीक्षक प्रीति भारती के मामले का पर्यवेक्षण रिपोर्ट सात जुलाई 2026 को दे दिया गया लेकिन अनुसंधानक द्वारा कोई केस डायरी नहीं सौंपी गयी। कसबा थाना के संजना प्रसाद, अजीत चौधरी पर भी लापरवाही को लेकर कार्रवाई की गयी है।
केनगर थाना के पांच पुलिस पदाधिकारियों जिनके द्वारा केस डायरी नहीं सौंपी गयी उनमें पुलिस अवर निरीक्षक अजीत चौधरी, नेहा कुमारी, शिवम कुमार शामिल है। डगरूआ थाना के शेखर कुमार एवं वीरेन्द्र कुमार यादव के वेतन पर रोक लगाने का निर्देश दिया गया है।
इसी तरह जानकी नगर थाना के पुलिस अवर निरीक्षक पवन पासवान, अर्चना कुमारी, मंटू कुमार सिंह राजीव रंजन टू द्वारा भी समय पर केस डायरी नहीं देने के कारण कार्रवाई की जद में आए है।
दो बार आगाह किए जाने के बाद भी कार्यशैली में नहीं हुआ सुधार
लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान एसएसपी डॉ. शेोर्य सुमन ने पाया कि कांड दैनिकी नहीं देने वाले अनुसंधानकर्ताओं को 27.06.26 एवं दिनांक 01.07.26 के माध्यम से निर्गत पत्रों में लंबित विशेष प्रतिवेदित कांडों में अद्यतन कांड दैनिकी ससमय समर्पित करनने संबंधी स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया, परन्तु उपरोक्त कांडों के अनुसंधानक द्वारा एक भी कांड दैनिकी इस कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराया गया है, जो उक्त सभी अनुसंधानक के मनमाने लापरवाही, गैर जिम्मेदार आचरण एवं असंवेदनशील रवैया को सम्प्रदर्शित करता है। इस बरती गयी लापरवाही के लिए सभी अनुसंधानकों का तत्काल प्रभाव से वेतन रोकने का निर्देश दिया गया ।
सदर थाना के छह तो मरंगा के पांच के वेतन पर रोक
सदर थाना के जिन छह पुलिस पदाधिकारियों वेतन पर रोक लगाई गयी उनमें पुलिस अवर निरीक्षक शशि कुमार भगत,पूजा कुमारी, रेशम कुमारी एवं दशरथ कुमार शामिल हैं। वहीं मरंगा थाना के शैलेश कुमार सिंह, सुमन कुमारी, संजीत कुमार, कुमार पंकज एवं राम कृष्ण कुमार के वेतन पर रोक लगाई गई है।
भवानीपुर थाना के पल्लवी कुमारी,मुनी सिंह, एवं शेलेश कुमार सिंह के वेतन पर रोक लगाई गयी है। धमदाहा थाना के पंकज प्रताप एवं सूनिता कुमारी का वेतन रोका गया है। मीरगंज थाना के अखलेश शाह, संजीत राम,उमप्रकाश साह पर वेतन पर रोक लगाई गयी है।