पूर्णिया में ब्लैक फिल्म वाले वाहनों पर बरपा पुलिस का कहर; दो दिन में 10 लाख का फाइन, एसएसपी शौर्य सुमन ने दी चेतावनी
पूर्णिया में एसएसपी शौर्य सुमन के निर्देश पर काले शीशे वाली गाड़ियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया है। इस अभियान में दो दिनों में 10 लाख रुपये से अध ...और पढ़ें

पूर्णिया में काला शीशा लगाने वालों पर सख्ती।
HighLights
एसएसपी शौर्य सुमन ने काले शीशे वाली गाड़ियों पर अभियान चलाया।
दो दिनों में 10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया।
अपराध रोकने हेतु मौके पर ही ब्लैक फिल्म हटाई जा रही।
जागरण संवाददाता, पूर्णिया। चार पहिया वाहनों में काला शीशा लगाना अब समाज में स्टेटस सिंबल बनने लगा था। दबंगों के साथ-साथ शातिर बदमाशों व तस्करों द्वारा भी धड़ल्ले से काले शीशे (ब्लैक फिल्म) का उपयोग किया जाने लगा था। इसे गंभीरता से लेते हुए पूर्णिया के नवपदस्थापित वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) शौर्य सुमन ने विशेष अभियान चलाने का कड़ा निर्देश दिया है।
सड़क पर उतरे एसएसपी शौर्य सुमन
इस अभियान के तहत एसएसपी खुद भी सड़क पर उतरने लगे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों को सड़कों पर ही कानून का पाठ पढ़ाया जा रहा है और तय जुर्माना भी वसूल किया जा रहा है। पुलिस की इस कड़ाई के चलते अब सड़कों पर काले शीशे वाले वाहनों की संख्या अचानक घटने लगी है। पुलिस ने दो दिनों में ही वाहनों से 10 लाख रुपये से अधिक का जुर्माना वसूल किया है।
ऑन द स्पॉट उतारी जा रही फिल्म
वाहन चालक गाड़ी में एयरकंडीशन होने के बावजूद शीशों पर ब्लैक फिल्म लगवा रहे थे, जो ट्रैफिक नियमों का सरासर उल्लंघन है। मंगलवार की देर शाम एसएसपी ने ट्रैफिक डीएसपी रंजन कुमार सिंह एवं ट्रैफिक थानाध्यक्ष के साथ वाहनों की जांच की। इस दौरान कई वाहनों के शीशों से ब्लैक फिल्म को मौके पर ही उतरवाया गया और प्रति वाहन 500 रुपये का जुर्माना किया गया।
अपराध नियंत्रण के लिए लिया फैसला
कारों के ग्लास पर ब्लैक फिल्म लगाने पर रोक लगाने के पीछे पुलिस का मुख्य मकसद अपराध को कम करना और अपराधियों की पहचान करना है। एसएसपी शौर्य सुमन के अनुसार, शीशों पर ब्लैक फिल्म होने के कारण कार के अंदर बैठे व्यक्ति की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे में कोई भी शातिर अपराधी कार में बैठकर आसानी से फरार हो जाता है, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित होती है।
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सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देश
सुप्रीम कोर्ट ने 27 अप्रैल 2012 को केंद्रीय मोटर वाहन अधिनियम 1989 के नियम 100 के तहत सभी वाहनों की खिड़कियों से ब्लैक फिल्म हटाने के आदेश दिए थे। कोर्ट के अनुसार, कार की विंडशील्ड के सामने और पीछे के ग्लास के लिए विजिबिलिटी कम से कम 70 फीसदी और साइड विंडो के लिए 50 फीसदी होनी चाहिए। इससे कम विजिबिलिटी होने पर सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।