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    पूर्णिया : 125 करोड़ से बनेगी अत्याधुनिक इंडस्ट्रियल सिटी, 687 एकड़ में लगेंगी फैक्ट्रियां, किसानों को 4 गुना मुआवजा

    Updated: Fri, 17 Jul 2026 09:46 AM (GMT+05:30)

    पूर्णिया में 687 एकड़ में अत्याधुनिक औद्योगिक शहर विकसित किया जाएगा, जिसके लिए बिहार सरकार ने 125 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। यह परियोज ...और पढ़ें

    पूर्णिया बनेगा बड़ा औद्योगिक हब : फैक्ट्रियों के लिए 687 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

    पूर्णिया बनेगा बड़ा औद्योगिक हब : फैक्ट्रियों के लिए 687 एकड़ जमीन का अधिग्रहण

    HighLights

    1. पूर्णिया में 687 एकड़ में औद्योगिक शहर का विकास।

    2. परियोजना के लिए 125 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति।

    3. किसानों को ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना मुआवजा मिलेगा।

    जागरण संवाददाता, पूर्णिया। मक्का और मखाना उत्पादन में विश्व स्तर पर धाक जमाने के बाद पूर्णिया अब जल्द ही पूरे पूर्वी बिहार का सबसे बड़ा औद्योगिक हब बनने जा रहा है। मरंगा औद्योगिक क्षेत्र के सफल विस्तार के बाद अब बियाडा और बिहार सरकार मिलकर जिले के केनगर और बीकोठी प्रखंडों में 687 एकड़ जमीन अधिग्रहित करेगी।

    पहले फेज का खाका तैयार

    इस वृहद औद्योगिक परियोजना के लिए राज्य सरकार ने 125 करोड़ 32 लाख 38 हजार रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। पहले चरण के तहत केनगर प्रखंड के तीन गांवों (बिठनौली, गणेशपुर और दूबे चकला) की कुल 332 एकड़ बेहद उपजाऊ जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा।

    एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा इंडस्ट्रियल हब

    इस अधिग्रहण से करीब 400 किसान सीधे प्रभावित होंगे, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर ड्रोन सर्वे और हाई-रिज़ॉल्यूशन फोटोग्राफी का कार्य पूरा हो चुका है। औद्योगिक क्षेत्र के लिए चयनित यह महत्वपूर्ण स्थल इसलिए खास है क्योंकि इसके पास से ही प्रस्तावित पूर्णिया-पटना ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे गुजरने वाली है।

    मिलेगा चार गुना तक मुआवजा

    जिला भूअर्जन पदाधिकारी रंजीत रंजन ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रारंभिक कानूनी अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। नियमों के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद किसानों को आपत्ति के लिए 30 दिन मिलेंगे, जिसके बाद ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना मुआवजा मिलेगा।

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    शहरी क्षेत्र में दोगुना भुगतान

    वहीं शहरी क्षेत्र की जमीनों के लिए दो गुना भुगतान के साथ-साथ सभी संबंधित किसानों को 10 प्रतिशत की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। अपर समाहर्ता रवि राकेश ने बताया कि 100 करोड़ से अधिक की जमीन खरीद के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में विशेष समिति बनाई गई है।

    बाउंड्रीवॉल के बाद उद्योग स्थापना

    मुआवजा भुगतान और जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया संपन्न होते ही प्रशासन द्वारा पूरे अधिग्रहित क्षेत्र की मजबूत बाउंड्रीवॉल का निर्माण कराया जाएगा। इसके ठीक बाद पूरी जमीन आधिकारिक तौर पर उद्योग विभाग को सौंप दी जाएगी, जहां नई विनिर्माण और कृषि आधारित फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी।

    पलायन पर लगेगी सीधी रोक

    बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं के कारण अब तक सीमांचल के युवाओं और मजदूरों को रोजी-रोटी की तलाश में बड़े शहरों की ओर पलायन करना पड़ता था। लेकिन इस आधुनिक औद्योगिक नगरी के विकसित होने, एयरपोर्ट और एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी से स्थानीय स्तर पर बंपर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।